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Badal Raag
yaadon ki veeraani hogii
yaadon ki veeraani hogii | यादों की वीरानी होगी
- Badal Raag
यादों
की
वीरानी
होगी
क़स
में
झूटी
खानी
होगी
रेल
पकड़
के
जाओ
मिलने
मिलने
में
आसानी
होगी
ख़ाली
हाथ
मिलोगे
उस
सेे
फिर
तो
आनाकानी
होगी
अश्क
बहेगा
थोड़ा
भी
गर
आँखों
को
हैरानी
होगी
मुझ
सेे
मिलना
बातें
करना
तेरी
तो
मनमानी
होगी
कम
लोगों
से
मिलना-जुलना
जीने
में
आसानी
होगी
बन
जाऊँगा
जोगी
उसका
वो
जिसकी
दीवानी
होगी
दिल
देना
बादल
उसको
ही
जो
जानी
पहचानी
होगी
- Badal Raag
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हम
लबों
से
कह
न
पाए
उन
से
हाल-ए-दिल
कभी
और
वो
समझे
नहीं
ये
ख़ामुशी
क्या
चीज़
है
Nida Fazli
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तो
क्या
ये
हो
नहीं
सकता
कि
तुझ
से
दूर
हो
जाऊँँ
मैं
तुझ
को
भूलने
के
वासते
मजबूर
हो
जाऊँ
सुना
है
टूटने
पर
दिल
सभी
कुछ
कर
गुजरते
हैं
मुझे
भी
तोड़
दो
इतना
कि
मैं
मशहूर
हो
जाऊँ
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SHIV SAFAR
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दोस्त
ने
दिल
को
तोड़
के
नक़्श-ए-वफ़ा
मिटा
दिया
समझे
थे
हम
जिसे
ख़लील
काबा
उसी
ने
ढा
दिया
Arzoo Lakhnavi
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बन
कर
कसक
चुभती
रही
दिल
में
मिरे
इक
आह
थी
ऐ
हम–नफ़स
मेरे
मुझे
तुझ
सेे
वफ़ा
की
चाह
थी
Dhiraj Singh 'Tahammul'
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दिल
में
और
दुनिया
में
अब
नहीं
मिलेंगे
हम
वक़्त
के
हमेशा
में
अब
नहीं
मिलेंगे
हम
Jaun Elia
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हम
को
दिल
से
भी
निकाला
गया
फिर
शहरस
भी
हम
को
पत्थर
से
भी
मारा
गया
फिर
ज़हरस
भी
Azm Shakri
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शाम-ए-फ़िराक़
अब
न
पूछ
आई
और
आ
के
टल
गई
दिल
था
कि
फिर
बहल
गया
जाँ
थी
कि
फिर
सँभल
गई
Faiz Ahmad Faiz
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मैं
जब
सो
जाऊँ
इन
आँखों
पे
अपने
होंट
रख
देना
यक़ीं
आ
जाएगा
पलकों
तले
भी
दिल
धड़कता
है
Bashir Badr
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नहीं
ये
फ़िक्र
कोई
रहबर-ए-कामिल
नहीं
मिलता
कोई
दुनिया
में
मानूस-ए-मिज़ाज-ए-दिल
नहीं
मिलता
Asrar Ul Haq Majaz
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हम
तो
बचपन
में
भी
अकेले
थे
सिर्फ़
दिल
की
गली
में
खेले
थे
Javed Akhtar
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आजकल
बिन
बताए
जाती
है
प्यार
में,
बीस
पार
की
लड़की
उस
को
समझा
न
पाऊँगा
मैं
अब
वो
है
सन
दो
हज़ार
की
लड़की
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Badal Raag
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नहीं
आसान
था
जीना
हमारा
कहा
करता
था
आईना
हमारा
बिछड़
के
उस
सेे
जाता
मैं
कहाँ
तक
सो
पहले
से
था
तय
पीना
हमारा
चले
थे
टूटे
दिल
का
बोझ
उट्ठा
गया
ही
टूट
यह
सीना
हमारा
उधेड़ा
ज़िस्म
अपना
भी
हमीं
ने
हमीं
ने
ओढ़ा
पश्मीना
हमारा
दी
ख़ुशियाँ
जिसने
हमको
उम्र
भर
की
उसी
ने
चैन
भी
छीना
हमारा
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Badal Raag
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घर
में
अपनी
ज़रा
नहीं
चलती
और
किस
सेे
बयाँ
करें
सब
कुछ
Badal Raag
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