aise hairaan hain ki hairat ki koi had hi nahin | ऐसे हैराँ हैं कि हैरत की कोई हद ही नहीं

  - Babar Ali Asad
ऐसेहैराँहैंकिहैरतकीकोईहदहीनहीं
अक्सटूटाहैमगरआइनेपेज़दहीनहीं
हमतिरेज़र्फ़कीक़ामतसेबहुतछोटेहैं
तेरेरुत्बेकेबराबरतोयहाँक़दहीनहीं
अबयहीआख़िरीहलहैकिमदीनेपहुँचूँ
इकवहीदरहैकिजिसदरपेकोईरदहीनहीं
हरबुढ़ापेकोबुज़ुर्गीभीनहींमिलसकती
तंग-गलियोंकेनसीबोंमेंयेबरगदहीनहीं
अपनेलहजेकेतलफ़्फ़ुज़सेयेतश्दीदहटा
देखअल्फ़ाज़केचेहरोंपेकहींशदहीनहीं
  - Babar Ali Asad
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