जोइसतरहसेमैंख़ुदकोपछाड़लेताहूँ
बनाबनायात'अल्लुक़बिगाड़लेताहूँ
मैंना-समझतोनहींरंजिशोंसेलड़ताफिरूँ
मैंरुख़बदलकेमोहब्बतकीआड़लेताहूँ
जोगर्दज़ेहनपेगिरतीहैबद-गुमानीकी
मैंगाहेगाहेउसेख़ुदहीझाड़लेताहूँ
मैंराहतोंसेकभीमुतमइननहींहोता
मैंसोचसोचकेख़ुशियाँउजाड़लेताहूँ
येदर्दभीयूँँहीअटखेलियाँनहींकरते
कभीकभीमैंइन्हेंछेड़-छाड़लेताहूँ
तुम्हारेदुखमेंकोईऔरदुखमिलातानहीं
मैंशबगुज़ारकेख़ेमाउखाड़लेताहूँ
किताब-ए-ज़ीस्ततुझेग़मनहींथमाताकोई
मैंदिनगुज़ारकेसफ़्हेकोफाड़लेताहूँ