tamaam raat chhato par baras gaya paani | तमाम रात छतों पर बरस गया पानी

  - B S Jain Jauhar
तमामरातछतोंपरबरसगयापानी
सवेराहोतेहीबस्तीमेंबसगयापानी
पियाकीबाँहोंमेंदुल्हनकोकसगयापानी
अँधेरीरातमेंबिरहनकोडसगयापानी
बड़ाहीनाज़थाअपनीख़ुनुक-मिज़ाजीपर
ज़मींकेतपतेतवेपरझुलसगयापानी
वोनापतारहाधरतीकेसबनशेब-ओ-फ़राज़
फ़रेब-ए-राहत-ए-माँदनमेंफँसगयापानी
नहानेआईथीगंदाहैकहकेलौटगई
किसीकोछूनेकीख़ातिरतरसगयापानी
  - B S Jain Jauhar
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