ik hook si jab dil men ut | इक हूक सी जब दिल में उट्ठी जज़्बात हमारे आ पहुँचे

  - B S Jain Jauhar
इकहूकसीजबदिलमेंउट्ठीजज़्बातहमारेपहुँचे
अल्फ़ाज़जोज़ेहनमेंमौज़ूँथेहोंटोंकेकिनारेपहुँचे
हालातग़म-ए-दिलकहसकेऔरदर्द-ए-दरूँभीसहसके
आँसूजोहिसार-ए-चश्ममेंथेपलकोंकेसहारेपहुँचे
मझंदारमेंथेऔरडरयेथाकिडूबहीजाएँगेअबहम
मौजोंमेंजोलहराईकश्तीतिनकोंकेसहारेपहुँचे
हमजोश-ए-जवानीमेंकरइकला-महदूदसफ़रमेंथे
मालूमहुआमंज़िलयेथीजबघाटकिनारेपहुँचे
इकउम्रगुज़ारीथीहमनेमज़लूमोंकीहीहिमायतमें
जबगोशा-नशीनीकीठानीफिरज़ुल्मकेमारेपहुँचे
बचपनमेंबहुतदुखहोताथामज़लूमकीआह-ओ-ज़ारीपर
होतेहीजवाँबहलानेकोदुनियाकेनज़ारेपहुँचे
दुनियाकेहवादिसनेइतनापामालकियाहमको'जौहर'
बचनेकीकोईउम्मीदथीक़िस्मतकेसितारेपहुँचे
  - B S Jain Jauhar
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