hansne-hasaane padhne-padhaane ki umr hai | हँसने-हँसाने पढ़ने-पढ़ाने की उम्र है

  - Azhar Faragh
हँसने-हँसानेपढ़ने-पढ़ानेकीउम्रहै
येउम्रकबहमारेकमानेकीउम्रहै
लेआईछतपेक्यूँँमुझेबे-वक़्तकीघुटन
तेरीतोख़ैरबामपेआनेकीउम्रहै
तुझसेबिछड़केभीतुझेमिलतारहूँगामैं
मुझसेतवीलमेरेज़मानेकीउम्रहै
औलादकीतरहहैमोहब्बतकामुझपेहक़
जबतककिसीकाबोझउठानेकीउम्रहै
ग़ुर्बतकोक्यूँँमैंभीशरारतकानामदूँ
दीवार-ओ-दरपेफूलबनानेकीउम्रहै
कोईमुज़ाइक़ानहींपीरीकेइश्क़में
वैसेभीयेसवाबकमानेकीउम्रहै
  - Azhar Faragh
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