khula rehta hai subh-o-shaam mire ghar ka darwaaza | खुला रहता है सुबह-ओ-शाम मेरे घर का दरवाज़ा

  - Ayush Saklani
खुलारहताहैसुबह-ओ-शाममेरेघरकादरवाज़ा
लिहाज़ाहैबड़ानाकाममेरेघरकादरवाज़ा
मिरेअहबाबइसघरकीसभीचीज़ोंकोबिकवाकर
करपाएमगरनीलाममेरेघरकादरवाज़ा
दरख़्तोंनेक़समखाईबशरकीपासबानीकी
बनायामैंनेता-अंजाममेरेघरकादरवाज़ा
रहाघरमेंमिरेवोपरमिराकमरानहींदेखा
कमाताहैयहीइल्ज़ाममेरेघरकादरवाज़ा
मैंख़ुदतोशोरगुलकोदेखअंदरबैठजाताहूँ
किदेखाकरताहैकोहराममेरेघरकादरवाज़ा
मिरेघरमेंभीपैगंबरख़ुदाकाकोईतोआए
बुलाताहैतुझेइबराममेरेघरकादरवाज़ा
कि'आयुष'जबतलकइसघरमेंतूग़ज़लेंसुनाएगा
रहेगातबतलकबदनाममेरेघरकादरवाज़ा
  - Ayush Saklani
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