aashiyana tha jahaan mukar gaya | आशियाना था जहाँ मुकर गया

  - ABHISHEK RANJAN
आशियानाथाजहाँमुकरगया
इकपरिंदाटूटकरबिखरगया
ज़िंदगीमेंबादबाक़ीरातहै
दिनउसीकेसाथहीगुज़रगया
भीड़मेंजोखोगयाथाजानलो
दर्दमिलतेहीवोअपनेघरगया
जिनकेहोनेसेमेराथाआशियाँ
आजउन्हींनज़रसेमैंउतरगया
भूलजानेमेंहीअबभलाईहै
सजसँवरकेग़ैरकेवोघरगया
ख़्वाबदेखेथेजोमेरेसाथके
आजकहतीहैमुझेमैंमरगया
  - ABHISHEK RANJAN
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy