जुनून-ए-हदकीलकीरथा
मेंयहाँपेमैंहूँवहाँपेवोहै
किग़मसँभालेजहाँमेंतेरेयहाँपेमैंहूँवहाँपेवोहै
हैएकख़ूबीयेदरमियानीजोकररहीहैसभीकोयकजा
सोदोनोंतन्हाखड़ेकमानेयहाँपेमैंहूँवहाँपेवोहै
तमामदुनियाउसीकेहिस्सेमेरीविरासतहैएककमरा
चलारहेहैंनिज़ामअपनेयहाँपेमैंहूँवहाँपेवोहै
यहाँपेमैंहूँहाँसिर्फ़मैंहूँमेरेमुक़ाबिलनहींहैकोई
इसीगुमाँमेंगुमइब्तिदासयहाँपेमैंहूँवहाँपेवोहै
अनाकेख़ातिरयेहिज्रमौसमनिभारहेहैंसोइसलिएहम
अलगअलगहैंमगरअकेलेयहाँपेमैंहूँवहाँपेवोहै
मैंअपनेवादेमिटाचुकाहूँअबउसकेवादेनिभारहाहूँ
कोईबताएमुझेज़रायेयहाँपेमैंहूँवहाँपेवोहै
जोआशनाईकभीथीहममेंवोख़ामुशीमेंबदलगईहै
यूँँबैठेअपनेलबोंकोसीकेयहाँपेमैंहूँवहाँपेवोहै
हैदिलमेंवहशतयेदोनोंजानिबबनामदुनियाबनामउलफ़त
मगरसजाएख़ुशीलबोंपेयहाँपेमैंहूँवहाँपेवोहै
उतरचुकेहैंहमएककश्तीकिनारेलाकरमगरयेसय्यद
उसीजज़ीरेपेबसपुकारेयहाँपेमैंहूँवहाँपेवोहै