जुनून-ए-शौक़अबभीकमनहींहै
मगरवोआजभीबरहमनहींहै
बहुतमुश्किलहैदुनियाकासँवरना
तिरीज़ुल्फ़ोंकापेच-ओ-ख़मनहींहै
बहुतकुछऔरभीहैइसजहाँमें
येदुनियामहज़ग़महीग़मनहींहै
तक़ाज़ेक्यूँँकरूँँपैहमनसाक़ी
किसेयाँफ़िक्र-ए-बेश-ओ-कमनहींहै
उधरमश्कूकहैमेरीसदाक़त
इधरभीबद-गुमानीकमनहींहै
मिरीबर्बादियोंकाहम-नशीनो
तुम्हेंक्याख़ुदमुझेभीग़मनहींहै
अभीबज़्म-ए-तरबसेक्याउठूँमैं
अभीतोआँखभीपुर-नमनहींहै
ब-ईंसैल-ए-ग़मओसैल-ए-हवादिस
मिरासरहैकिअबभीख़मनहींहै
'मजाज़'इकबादा-कशतोहैयक़ीनन
जोहमसुनतेथेवोआलमनहींहै