hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Mahesh Natakwala
raqs karti hai udaasi kamre men ab
raqs karti hai udaasi kamre men ab | रक़्स करती है उदासी कमरे में अब
- Mahesh Natakwala
रक़्स
करती
है
उदासी
कमरे
में
अब
तेरी
यादों
के
भी
अपने
फ़ायदे
हैं
- Mahesh Natakwala
Download Sher Image
उदासी
का
सबब
उस
सेे
जो
हम
तब
पूछ
लेते
वजह
फिर
पूछनी
पड़ती
न
शायद
ख़ुद-कुशी
की
Dipendra Singh 'Raaz'
Send
Download Image
1 Like
जब
भी
आता
है
दिसम्बर
ग़म
के
टाँके
खुलते
हैं
याद
है
यूँँ
तेरा
जाना
और
कहना
ख़ुश
रहो
Neeraj Neer
Send
Download Image
46 Likes
क्या
ख़ुशी
में
ज़िंदगी
का
होश
कम
रह
जाएगा
ग़म
अगर
मिट
भी
गया
एहसास-ए-ग़म
रह
जाएगा
Shakeel Badayuni
Send
Download Image
25 Likes
अपनी
तबाहियों
का
मुझे
कोई
ग़म
नहीं
तुम
ने
किसी
के
साथ
मोहब्बत
निभा
तो
दी
Sahir Ludhianvi
Send
Download Image
38 Likes
अपने
क़ातिल
की
ज़ेहानत
से
परेशान
हूँ
मैं
रोज़
इक
मौत
नए
तर्ज़
की
ईजाद
करे
Parveen Shakir
Send
Download Image
26 Likes
लाखों
सद
में
ढेरों
ग़म
फिर
भी
नहीं
हैं
आँखें
नम
इक
मुद्दत
से
रोए
नहीं
क्या
पत्थर
के
हो
गए
हम
Read Full
Azm Shakri
Send
Download Image
59 Likes
वो
हमारा
ग़म
चुरा
कर
ले
गया
साथ
अपने
ले
गया
तस्वीर
भी
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
दिल
गया
रौनक़-ए-हयात
गई
ग़म
गया
सारी
काएनात
गई
Jigar Moradabadi
Send
Download Image
34 Likes
ये
किस
मक़ाम
पे
लाई
है
ज़िंदगी
हम
को
हँसी
लबों
पे
है
सीने
में
ग़म
का
दफ़्तर
है
Hafeez Banarasi
Send
Download Image
28 Likes
मज़ाक
सहना
नहीं
है
हँसी
नहीं
करनी
उदास
रहने
में
कोई
कमी
नहीं
करनी
Swapnil Tiwari
Send
Download Image
48 Likes
Read More
मुहब्बत
का
यही
तो
इक
फ़साना
है
मैं
ही
क्या
लूटा
हूँ
लूटा
ज़माना
है
Mahesh Natakwala
Send
Download Image
4 Likes
ख़मोशी
ये
हिकायत
हो
गई
तो
कहीं
मुझ
सेे
शरारत
हो
गई
तो
मुझे
अब
ख़ुदस
डर
लगने
लगा
है
कहीं
तुम
सेे
मुहब्बत
हो
गई
तो
यूँँ
मुझ
सेे
रोज़
मत
बातें
करो
तुम
कहीं
मुझको
ये
आदत
हो
गई
तो
अभी
मैं
कितना
ही
अच्छा
लगूँ
पर
कभी
गर
फिर
शिकायत
हो
गई
तो
सफ़र
है
कोई
मंजिल
तो
नहीं
ये
यूँँ
रुकने
की
रिवायत
हो
गई
तो
Read Full
Mahesh Natakwala
Download Image
0 Likes
मैं
परेशाँ
हूँ
मुझे
और
तो
परेशाँ
न
कर
तू
मिरी
जाँ
है
तू
तो
ऐसा
मेरी
जाँ
न
कर
Mahesh Natakwala
Send
Download Image
1 Like
कोई
पूछे
न
ये
रिश्ता
हमारा
नदी
है
वो
मैं
हूँ
उसका
किनारा
नहीं
कोई
मिरा
अब
है
पराया
मिला
हूँ
जिस
से
अब
वो
है
हमारा
किसी
को
मिलता
है
हक़
ये
नहीं
पर
मिला
है
ये
तुम्हें
हिस्सा
तुम्हारा
Read Full
Mahesh Natakwala
Download Image
0 Likes
नाख़ुदा
मेरा
नहीं
है
कोई
भी
इस
दरिया
में
सब
मेरे
अपने
ही
मुझको
छोड़कर
जाते
रहे
Mahesh Natakwala
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Irada Shayari
Gussa Shayari
Raqs Shayari
Qaid Shayari
Dushmani Shayari