hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
A R Sahil "Aleeg"
yaqeen tootaa hai bhayaanak qayaamat guzrati hai sahab
yaqeen tootaa hai bhayaanak qayaamat guzrati hai sahab | यक़ीं टूटता है, भयानक क़यामत गुज़रती है साहब
- A R Sahil "Aleeg"
यक़ीं
टूटता
है,
भयानक
क़यामत
गुज़रती
है
साहब
यूँँं
ही
तो
नहीं
कोई
ख़ामोश
ख़ुद-महवरी
सा
हो
जाता
- A R Sahil "Aleeg"
Download Sher Image
वो
कहते
हैं
मैं
ज़िंदगानी
हूँ
तेरी
ये
सच
है
तो
उन
का
भरोसा
नहीं
है
Aasi Ghazipuri
Send
Download Image
18 Likes
न
कोई
वा'दा
न
कोई
यक़ीं
न
कोई
उमीद
मगर
हमें
तो
तिरा
इंतिज़ार
करना
था
Firaq Gorakhpuri
Send
Download Image
31 Likes
ऐ
मुझ
को
फ़रेब
देने
वाले
मैं
तुझ
पे
यक़ीन
कर
चुका
हूँ
Athar Nafees
Send
Download Image
23 Likes
हम
आज
राह-ए-तमन्ना
में
जी
को
हार
आए
न
दर्द-ओ-ग़म
का
भरोसा
रहा
न
दुनिया
का
Waheed Quraishi
Send
Download Image
15 Likes
उसे
भी
धोका
मिलेगा
यक़ीन
है
मुझको
भरोसा
वो
भी
किसी
पर
तो
कर
रहा
होगा
Aqib Jawed
Send
Download Image
64 Likes
ज़ख़्म
दिल
के
भरे
नहीं
अब
तक
और
इक
दर्द
फिर
हरा
कर
लूँ
अब
भरोसा
नहीं
किसी
का
पर
तू
कहे
तो
यक़ीं
तिरा
कर
लूँ
Read Full
Harsh saxena
Send
Download Image
15 Likes
मैं
जब
सो
जाऊँ
इन
आँखों
पे
अपने
होंट
रख
देना
यक़ीं
आ
जाएगा
पलकों
तले
भी
दिल
धड़कता
है
Bashir Badr
Send
Download Image
75 Likes
उस
की
ख़्वाहिश
पे
तुम
को
भरोसा
भी
है
उस
के
होने
न
होने
का
झगड़ा
भी
है
लुत्फ़
आया
तुम्हें
गुमरही
ने
कहा
गुमरही
के
लिए
एक
ताज़ा
ग़ज़ल
Irfan Sattar
Send
Download Image
15 Likes
भरोसा
तोड़कर
अच्छा
किया
तुमने
मैं
दुनिया
पर
भरोसा
करने
वाला
था
Aatish Alok
Send
Download Image
5 Likes
यक़ीन
हो
तो
कोई
रास्ता
निकलता
है
हवा
की
ओट
भी
ले
कर
चराग़
जलता
है
Manzoor Hashmi
Send
Download Image
37 Likes
Read More
न
कर
पाया
ख़ुदा
को
जब
मैं
राज़ी
फिर
बता
मुझको
करूँँंँगा
क्या?
ले
कर
शोहरत,
ग़ज़ाला,
इश्क़
या
दौलत
A R Sahil "Aleeg"
Send
Download Image
1 Like
मुझे
लफ़्ज़ों
से
नफ़रत
हो
गई
है
अब
कोई
भी
तो
लुग़त
सच्चा
नहीं
होता
A R Sahil "Aleeg"
Send
Download Image
1 Like
मेरे
ज़ब्त-ए-ग़म
से
निकल
कर
दु'आ
चली
आई
लब
पर
मचल
कर
दु'आ
बिछड़
कर
मुझी
से
मेरे
वस्ल
को
करेंगे
वो
करवट
बदल
कर
दु'आ
कभी
दिल
न
उनका
कोई
तोड़
दे
वो
माँगे
कई
दिल
कुचल
कर
दु'आ
ये
इंसान
क्या
गर
ख़ुदा
चाहे
तो
यहाँ
बुत
भी
कर
दे
पिघल
कर
दु'आ
हुआ
आज
क्या
उनको
मुल्हिद
हैं
जो
लगे
करने
वो
दिल
मसल
कर
दु'आ
ख़ुदा
पहुँचे
तुझ
तक
है
ये
आरज़ू
मेरी
मग़्फ़िरत
की
उछल
कर
दु'आ
गुनाहों
की
'साहिल'
सज़ाएँ
हैं
तय
करें
तौबा
का'बे
में
चल
कर
दु'आ
Read Full
A R Sahil "Aleeg"
Download Image
0 Likes
देख
ले
ख़ुद
तू,
हम-नज़र
न
छुपी
आरज़ू
दिल
की
चाह
कर
न
छुपी
दिल
ने
पहरे
लगाए
थे
लेकिन
उड़
गई
प्यार
की
ख़बर,
न
छुपी
मानता
हूँ
मैं,
तू
छुपा
लेगा
यह
लगी
दिल
की
भी
अगर
न
छुपी
लाख
ढाँपी
गई
थी
परदों
में
थी
सहर
की
किरन
नज़र
न
छुपी
इश्क़
में
बे-वफ़ाई
ए
पैहम
हम
छुपाया
किए
मगर
न
छुपी
वारदात
ए
शबे-सियाह,
चराग़!
थी
अयाँ
वो
दम
ए
सहर
न
छुपी
तेरी
यादों
से
नम
हुई
ऐसे
ग़मज़दा
दिल
से
चश्म
तर
न
छुपी
ये
मिरे
क़त्ल
की
ख़ता,
'साहिल'
ले
तेरे
आ
गई
है
सर,
न
छुपी
Read Full
A R Sahil "Aleeg"
Download Image
1 Like
हम
अदू
से
भी
हिक़ारत
नहीं
करने
वाले
हुस्नो-ज़ीनत
की
इबादत
नहीं
करने
वाले
A R Sahil "Aleeg"
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Ummeed Shayari
Paani Shayari
Dar Shayari
Sardi Shayari
Safar Shayari