dekh le khud tu ham-nazar na chhupi | देख ले ख़ुद तू, हम-नज़र न छुपी

  - A R Sahil "Aleeg"
देखलेख़ुदतू,हम-नज़रछुपी
आरज़ूदिलकीचाहकरछुपी
दिलनेपहरेलगाएथेलेकिन
उड़गईप्यारकीख़बर,छुपी
मानताहूँमैं,तूछुपालेगा
यहलगीदिलकीभीअगरछुपी
लाखढाँपीगईथीपरदोंमें
थीसहरकीकिरननज़रछुपी
इश्क़मेंबे-वफ़ाईपैहम
हमछुपायाकिएमगरछुपी
वारदातशबे-सियाह,चराग़!
थीअयाँवोदमसहरछुपी
तेरीयादोंसेनमहुईऐसे
ग़मज़दादिलसेचश्मतरछुपी
येमिरेक़त्लकीख़ता,'साहिल'
लेतेरेगईहैसर,छुपी
  - A R Sahil "Aleeg"
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