hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
A R Sahil "Aleeg"
ishq bhi karna hai tumko aur phir
ishq bhi karna hai tumko aur phir | इश्क़ भी करना है तुमको और फिर
- A R Sahil "Aleeg"
इश्क़
भी
करना
है
तुमको
और
फिर
बे-सुकूनी
से
भी
घबराते
हो
तुम
- A R Sahil "Aleeg"
Download Sher Image
इज़हार-ए-इश्क़
उस
से
न
करना
था
'शेफ़्ता'
ये
क्या
किया
कि
दोस्त
को
दुश्मन
बना
दिया
Mustafa Khan Shefta
Send
Download Image
34 Likes
हर
लड़के
में
एक
ख़राबी
होती
है
उसको
अपना
इश्क़
इबादत
लगता
है
Saurabh Sharma 'sadaf'
Send
Download Image
56 Likes
दिल
से
निकलेगी
न
मर
कर
भी
वतन
की
उल्फ़त
मेरी
मिट्टी
से
भी
ख़ुशबू-ए-वफ़ा
आएगी
Lal Chand Falak
Send
Download Image
46 Likes
रास्ता
जब
इश्क़
का
मौजूद
है
फिर
किसी
की
क्यूँँ
इबादत
कीजिए?
ख़ुद-कुशी
करना
बहुत
आसान
है
कुछ
बड़ा
करने
की
हिम्मत
कीजिए
Read Full
Bhaskar Shukla
Send
Download Image
43 Likes
इश्क़
करना
इक
सज़ा
है
क्या
करें
इश्क़
का
अपना
मज़ा
है
क्या
करें
Syed Naved Imam
Send
Download Image
59 Likes
तेरे
बग़ैर
ख़ुदा
की
क़सम
सुकून
नहीं
सफ़ेद
बाल
हुए
हैं
हमारा
ख़ून
नहीं
न
हम
ही
लौंडे
लपाड़ी
न
कच्ची
उम्र
का
वो
ये
सोचा
समझा
हुआ
इश्क़
है
जुनून
नहीं
Read Full
Shamim Abbas
Send
Download Image
37 Likes
कब
तुम्हें
इश्क़
पे
मजबूर
किया
है
हमने
हम
तो
बस
याद
दिलाते
हैं
चले
जाते
हैं
Abbas Tabish
Send
Download Image
41 Likes
ये
यक़ीं
है
की
मेरी
उल्फ़त
का
होगा
उन
पर
असर
कभी
न
कभी
Anwar Taban
Send
Download Image
23 Likes
इश्क़
जब
तक
न
कर
चुके
रुस्वा
आदमी
काम
का
नहीं
होता
Jigar Moradabadi
Send
Download Image
29 Likes
तू
जो
हर
रोज़
नए
हुस्न
पे
मर
जाता
है
तू
बताएगा
मुझे
इश्क़
है
क्या
जाने
दे
Ali Zaryoun
Send
Download Image
117 Likes
Read More
करम
कुछ
तो
तेरी
जफ़ा
का
है
कुछ
इश्क़
का
भी
बुरा
था
नहीं
मैं
मगर
अब
बुरा
बन
गया
हूँ
A R Sahil "Aleeg"
Send
Download Image
1 Like
देने
लगी
दुहाई
मेरी
जाँ
की
जाँ
मुझे
भारी
पड़ा
है
इश्क़
का
ये
इम्तिहाँ
मुझे
A R Sahil "Aleeg"
Send
Download Image
1 Like
हर
किसी
को
मैं
मुख़ातिब
कह
के
"तुम"
करता
नहीं
हूँ
तुम
को
जो
"तुम"
कह
दिया
समझो
बहुत
ही
ख़ास
हो
तुम
A R Sahil "Aleeg"
Send
Download Image
1 Like
एक
दूजे
को,
आज़माने
के
सिलसिले
रखते,
आने-जाने
के
इक
बहाना
भी,
क्या
कहें
उनका
सौ
बहाने
हैं,
इक
बहाने
के
अहतियातन,
दिखा
दिए
हैं
तुम्हें
ज़ख़्म
होते
नहीं,
दिखाने
के
दाने
दाने
पे,
नाम
लिक्खा
है
खाने
वाले
हैं,
दाने
दाने
के
इश्क़
के
दर
प,
आने
वाले
लोग
रह
न
पाए,
किसी
ठिकाने
के
आपका
ग़म
भी,कोई
ग़म
है
क्या?
हमने
झेले
हैं,
ग़म
ज़माने
के
बस,
यही
एक
है,
मेरी
हमदर्द
पास
बैठी
क़ज़ा,
जो
शाने
के
उनकी
ज़िद
है,तो
तोड़
दें
वो
दिल
शोर
हम
भी,
नहीं
मचाने
के
करले
तूफ़ान,
सौ
सितम
हम
पे
हम
चराग़ाँ,
नहीं
बुझाने
के
अब
जो
मक़तल
में,
आ
गए
हैं
हम
पाँव
पीछे,
नहीं
हटाने
के
मत
सुना
हमको,
फ़ाइलुन
फ़यलुन
हम
भी
हैं,
दाग़
के
घराने
के
वो
ही
तोड़े
थे,
आप
ने
'साहिल'
जो
थे,
वादे-वफ़ा
निभाने
के
Read Full
A R Sahil "Aleeg"
Download Image
2 Likes
मिले
दिल
को
कोई
हज़रत
ख़दीजा
सी,
मगर
मौला
ज़ुलेख़ा,
उर्वशी
से
हट
के
कोई
भी
नहीं
मिलती
A R Sahil "Aleeg"
Send
Download Image
4 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Visaal Shayari
Gulshan Shayari
Shadi Shayari
Ishq Shayari
Mayoosi Shayari