ek dooje ko aazmaane ke | एक दूजे को, आज़माने के

  - A R Sahil "Aleeg"
एकदूजेको,आज़मानेके
सिलसिलेरखते,आने-जानेके
इकबहानाभी,क्याकहेंउनका
सौबहानेहैं,इकबहानेके
अहतियातन,दिखादिएहैंतुम्हें
ज़ख़्महोतेनहीं,दिखानेके
दानेदानेपे,नामलिक्खाहै
खानेवालेहैं,दानेदानेके
इश्क़केदरप,आनेवालेलोग
रहपाए,किसीठिकानेके
आपकाग़मभी,कोईग़महैक्या?
हमनेझेलेहैं,ग़मज़मानेके
बस,यहीएकहै,मेरीहमदर्द
पासबैठीक़ज़ा,जोशानेके
उनकीज़िदहै,तोतोड़देंवोदिल
शोरहमभी,नहींमचानेके
करलेतूफ़ान,सौसितमहमपे
हमचराग़ाँ,नहींबुझानेके
अबजोमक़तलमें,गएहैंहम
पाँवपीछे,नहींहटानेके
मतसुनाहमको,फ़ाइलुनफ़यलुन
हमभीहैं,दाग़केघरानेके
वोहीतोड़ेथे,आपने'साहिल'
जोथे,वादे-वफ़ानिभानेके
  - A R Sahil "Aleeg"
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