zabt kii dil ko padi hai aisi aadat bewafa | ज़ब्त की दिल को पड़ी है ऐसी आदत बे-वफ़ा

  - A R Sahil "Aleeg"
ज़ब्तकीदिलकोपड़ीहैऐसीआदतबे-वफ़ा
अबनहींहोतीतेरीयादोंसेवहशतबे-वफ़ा
अबनहींहैदिलकोतुझसेकोईनिस्बतबे-वफ़ा
जबनहींतुझकोरहीमेरीज़रूरतबे-वफ़ा
साथतेरेजबकरेगाकोईतुझसाहीसुलूक
तुझपेगुज़रेगीकिसीदिनतबक़यामतबे-वफ़ा
अपनीइनबर्बादियोंकाहमकिसेइल्ज़ामदें
ख़ुदहीजबनिकलीहैअपनीहीयेक़िस्मतबे-वफ़ा
अबतोदर्द-ओ-ग़महुएमरहमहमाराख़ुद-ब-ख़ुद
दिलकेज़ख़्मोंसेनहींहैअबअज़िय्यतबे-वफ़ा
तूअज़लसेआजतकबदलीबदलेगीकभी
तुझपेतोआदमनेभीभेजीथीलानतबे-वफ़ा
दिलसेसाहिलमैंमिटादूँगातेरानाम-ओ-निशाँ
होगईजिसदिनभीतुझसेमुझकोनफ़रतबे-वफ़ा
  - A R Sahil "Aleeg"
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