रंग से रूप से लहजे से कि आवाज़ से इश्क़

  - A R Sahil "Aleeg"
रंगसेरूपसेलहजेसेकिआवाज़सेइश्क़
सोचताहूँकिकरूँँकौनसेअंदाज़सेइश्क़
सर-फिराकहकेउसेसारेगुज़रजातेहैं
कोईकरताहीनहींआशिक़-ए-जाँ-बाज़सेइश्क़
उनकोअंजामकीपरवाहनहींरहतीहै
वोजोकरतेहैंमियाँइश्क़केआगाज़सेइश्क़
आपकोपहलेभीदेखाहैकहींतोमैंने
आपलगताहैकभीकरतेथेएजाज़सेइश्क़
इसकोमालूमनहींहैकिइसेनोचेगा
कितनीनादानहैचिड़ियाजोकरेबाज़सेइश्क़
कौनइसशहरमेंदुखड़ोंकोसुनेगामेरे
लोगकरतेहैंयहाँआपकीआवाज़सेइश्क़
जिसकाईमानसलामतहैगुफ़्तारकाढंग
हाएफिरकौनकरेकाफ़िर-ए-तन्नाज़सेइश्क़
मातमुजरेकोभीदेतेहैंअदबकीमहफ़िल
भीड़करतीहैफ़क़तझूठोंसेलफ़्फ़ाज़सेइश्क़
कौनपूछेगाहमेंबज़्ममेंउनकीसाहिल
सबकेसबकरतेहैंबससाहिब-ए-एज़ाज़सेइश्क़
  - A R Sahil "Aleeg"
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