jism ko kahti hui nikli hai yuñ jaañ alvida | जिस्म को कहती हुई निकली है यूँँ जाँ अलविदा

  - A R Sahil "Aleeg"
जिस्मकोकहतीहुईनिकलीहैयूँँजाँअलविदा
कहगयाहोजैसेकोईदरसेमेहमाँअलविदा
सबकोजानाहैअकेलेख़ुल्दकीजानिबहैतय
बूद-ओ-हस्तीअस्सलामसाज़-ओ-सामाँअलविदा
किसक़दरथीतिश्नगीअबक्याकहेंहमयूँँसमझ
चीख़करकहतेगएहैंघरकोरिंदाँअलविदा
लौटआएइश्क़केकूचेसेयेहीहैबहुत
ज़ुल्फ़-ए-बरहमशुक्रियाचाक-दामाँअलविदा
रौशनीकेजिस्मपरतारीकियोंकेवारसे
कहगयाशबभरसुबककरइकचरागाँअलविदा
अबख़िज़ाँकेहाथहैअपनामुक़द्दरउम्रभर
चमनअल्लाहहाफ़िज़बहाराँअलविदा
करतेहैंक्यूँनश्तर-ए-ग़मकोपरेशाँबख़्शदें
अबलहूनेकहदियाहैरग-ए-जाँअलविदा
  - A R Sahil "Aleeg"
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