badalta hai jab bhi calendar naya saal | बदलता है जब भी कैलेंडर नया साल

  - A R Sahil "Aleeg"
बदलताहैजबभीकैलेंडरनयासाल
सभीचाहतेहैंहोबेहतरनयासाल
बदलतेहैंक्याक्यामनाज़िरजहाँमें
लगाताहैचक्करपेचक्करनयासाल
वहीकँपकँपीहैवहीसर्दियाँहैं
वहीलौटआयासितमगरनयासाल
मिटेजिससेनफ़रतरहेअम्नक़ायम
फ़ज़ाओंमेंफूँकेवोमंतरनयासाल
बिछड़करतुम्हेंरासआयाहैकैसे
हमेंतोलगेहैयेख़ंजरनयासाल
दिसम्बरकेग़मलेकेजाएदिसम्बर
होख़ुशियोंभराहीमुयस्सरनयासाल
मिटादेसभीदर्दइसदिलके'साहिल'
बनेज़ख़्म-ए-दिलकारफ़ूगरनयासाल
  - A R Sahil "Aleeg"
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy