baad guzregi qayaamat si tere jaane ke | बाद गुज़रेगी क़यामत सी तेरे जाने के

  - A R Sahil "Aleeg"
बादगुज़रेगीक़यामतसीतेरेजानेके
ख़ूनआँखोंसेबहेंगेतेरेदीवानेके
जुर्मतोकरचुकेहोतुमकईहर्जानेके
बे-वफ़ातुमसेबिछड़करनहींमरजानेके
इश्क़करनाथाकिया,दिलनेचलाईअपनी
मशवरेरासआएकिसीफ़रज़ानेके
होहक़ीक़तकिख़यालोंमें,यहीहोताहै
काटतारहताहूँचक्करमैंसनम-ख़ानेके
मुझसेेदेखेहीनहींजातेकिसीकेआँसू
ख़्वाहअपनोंकेरहेंयाकिसीबेगानेके
क्याज़रूरीथा?तेरामुझसेजफ़ाकरनाही
औरभीलाखतरीक़ेथे,बिछड़जानेके
जिनकोपीनेकासलीक़ापिलानेकाशुऊर
हमकोआदाबसिखाएँगेवोमय-ख़ानेके
येबहारोंकीफ़ज़ाओंकाअसरहैसाहिल
जगमगाउट्ठेहैंज़र्रातजोवीरानेके
  - A R Sahil "Aleeg"
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