मत पूछ भला इस राह-ए-वफ़ा क्या क्या न हुआ मंज़ूर-ए-नज़र

  - A R Sahil "Aleeg"
मतपूछभलाइसराह-ए-वफ़ाक्याक्याहुआमंज़ूर-ए-नज़र
हरएकसितमतोहफ़ाथामुझेहरएकगिलामंज़ूर-ए-नज़र
कलबज़्म-ए-सनममेंजोभीमिलाहरशख़्समिलाउसपरहीफ़िदा
बसहोसकामुझपरहीकरमबसमैंहुआमंज़ूर-ए-नज़र
जान-ए-जिगर'आशिक़सेतेरेलगताहैमुझेरबरूठगया
आतीदवाअबकामकोईहोतीदु'आमंज़ूर-ए-नज़र
समझेसगादेलाखदग़ादिलतोड़देयादेछोड़मुझे
वोजानकरेसौबारख़ताहरएकख़तामंज़ूर-ए-नज़र
येइश्क़नहींइकखेलहैबसशह-मातपेतूअफ़सोसकर
जोकुछभीगयाजानेदेउसेकरजोभीबचामंज़ूर-ए-नज़र
सरदारपेरखयाकाटज़बाँहरहालमेंसचबोलूँगायहाँ
हरहुक्महैसरआँखोंपेतेराहरएकसज़ामंज़ूर-ए-नज़र
  - A R Sahil "Aleeg"
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