कैसेसमझाएँतुझेकिसबातपरसमझायेंहम
ऐदिल-ए-नादाँतुझेलेकरकहाँकोजाएँहम
हमज़मानेसे,थमें,तकतेरहे,रस्तातिरा
औरफिरयूँँहीकहींपत्थरकेनबनजाएँहम
इसजनमकेबादसारीज़िन्दगीकोमिलनातुम
आजकुछऐसाकरो,बसठीकसेमरजाएँहम
झूठभीबोलाकरोतोऐसेमतबोलाकरो
एकदूजेकीनज़रमें,देखभीनपायेंहम
चलतुझेफिरलेचलूँमैंसंगअपनेज़िन्दगी
दूरइतना,फिरकिसीकेहाथमेंनआएँहम