zameen par to ha | ज़मीं पर तो हमें अब ग़म मिलेंगे

  - anupam shah
ज़मींपरतोहमेंअबग़ममिलेंगे
चलोअबआसमाँमेंहममिलेंगे
मैंअबतकराहमेंबैठाहूँदेखो
जोतूकहकरगयाथाहममिलेंगे
करोपड़तालमेरीक्यामिलेगा
मिरेजीवनकेपेच-ओ-ख़ममिलेंगे
हमेंउसआख़िरीदिनग़मनहींथा
ख़ुशीयेथीकिकमसेकममिलेंगे
मरेंगेजबकभीभीदेखनातुम
तुम्हेंहरइकगलीमातममिलेंगे
  - anupam shah
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