bichhadkar tumse KHud se bhi badaa rootha raha hooñ main | बिछड़कर तुम सेे ख़ुद से भी बड़ा रूठा रहा हूँ मैं

  - anupam shah
बिछड़करतुमसेेख़ुदसेभीबड़ारूठारहाहूँमैं
तुम्हारेबादमुश्किलसेबहुतज़िंदारहाहूँमैं
निकम्माकरदियामुझकोतुम्हारीएकहिजरतने
वगरनाघरकासबसेेलाडलालड़कारहाहूँमैं
मोहब्बतहै,जोनरमीहै,तुम्हारेवासतेमुझ
में
तुम्हेंमैंक्याबताऊँ,क्याथाऔरकैसारहाहूँमैं
तुम्हारेहिज़्रमेंबीताहैहरलम्हातुम्हारेसंग,
तुम्हारेबिनतुम्हाराबनकेइकअर्सारहाहूँमैं
मिरेछज्जेसेलगकरसाथमेंहीथामकाँउसका
मगरमिलनेकोउससेे,दूरहीजातारहाहूँमैं
  - anupam shah
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy