kisi se lad ke chhodunga na hi ab dar ke chhodunga | किसी से लड़ के छोड़ूँगा न ही अब डर के छोड़ूँगा

  - Ansar Ethvi
किसीसेलड़केछोड़ूँगाहीअबडरकेछोड़ूँगा
मैंहंसोंकीतरहतालाबकोअबमरकेछोड़ूँगा
मुझेमालूमहैसय्यादनेलूटाचमनकोहै
येवा'दाहैचमनआबादहीअबकरकेछोड़ूँगा
तरसआताहैमुझकोभीपरिंदोंकीअसीरीपर
परिंदेमैंसभीआज़ादहीअबकरकेछोड़ूँगा
होजिसकेपासहीकुछभीनहींअपनाबचानेको
वोमुझसेेकहरहाबर्बादहीअबकरकेछोड़ूँगा
  - Ansar Ethvi
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