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Anmol Mishra
kaagazon ki kashtii par dil ke zakham dhote hain
kaagazon ki kashtii par dil ke zakham dhote hain | कागज़ों की कश्ती पर दिल के ज़ख़्म ढोते हैं
- Anmol Mishra
कागज़ों
की
कश्ती
पर
दिल
के
ज़ख़्म
ढोते
हैं
हाथ
लगती
चीज़ों
को
हाथ
लगते
खोते
हैं
एक
दिन
अँधेरे
ने
आके
मुझ
सेे
बोला
ये
जो
उदास
रहते
नइँ
वो
उदास
होते
हैं
- Anmol Mishra
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उदासी
जैसे
कि
उसके
बदन
का
हिस्सा
है
अधूरा
लगता
है
वो
शख़्स
अगर
उदास
न
हो
Vikram Sharma
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इतना
तो
बता
जाओ
ख़फ़ा
होने
से
पहले
वो
क्या
करें
जो
तुम
से
ख़फ़ा
हो
नहीं
सकते
Asad Bhopali
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यूँँ
लगे
दोस्त
तिरा
मुझ
से
ख़फ़ा
हो
जाना
जिस
तरह
फूल
से
ख़ुशबू
का
जुदा
हो
जाना
Qateel Shifai
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मज़ाक
सहना
नहीं
है
हँसी
नहीं
करनी
उदास
रहने
में
कोई
कमी
नहीं
करनी
Swapnil Tiwari
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ये
ख़ुश
आँखें
किसी
दिन
रो
पड़ेंगी
और
किसी
दिन
मुस्कुराएंगी
उदास
आँखें
Siddharth Saaz
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तिरा
ख़याल
बहुत
देर
तक
नहीं
रहता
कोई
मलाल
बहुत
देर
तक
नहीं
रहता
उदास
करती
है
अक्सर
तुम्हारी
याद
मुझे
मगर
ये
हाल
बहुत
देर
तक
नहीं
रहता
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Noon Meem Danish
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तेरा
बुत
तो
नहीं
था
पास
मेरे,
तेरी
यादों
को
अपने
पास
रखा
गोया
हस्ते
हुए
भी
हमने
सदा,
अपने
दिल
को
बहुत
उदास
रखा
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Prince
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जैसे
उदास
करने
मुझे
आई
ईद
हो
तेरे
बगैर
कैसी
मिरी,
माई
ईद
हो
Sayeed Khan
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देर
से
आने
पर
वो
ख़फ़ा
था
आख़िर
मान
गया
आज
मैं
अपने
बाप
से
मिलने
क़ब्रिस्तान
गया
Afzal Khan
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जो
ग़ुस्सा
आ
गया
तो
क्या
ही
कर
लेंगे
ज़ुबाँ
ये
मेरी
गाली
भी
नहीं
देती
Irshad Siddique "Shibu"
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बहुत
वो
दूर
हैं
हम
सेे
और
अब
हम
काश
हैं
उनके
सुना
है
कल
जो
मेरे
ख़ास
थे
अब
पास
हैं
उनके
Anmol Mishra
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सादे
काग़ज़
जैसा
जीवन
जीवन
जैसा
नइँ
होता
कुछ
न
सही
तो
टेढ़ी
मेढ़ी
खींच
लकीरें
काग़ज़
पर
Anmol Mishra
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ये
लाल
शा
में
ये
लाल
अंबर
ये
लाल
सूरज
चमक
रहा
है
मुझे
बता
दो
कहाँ
है
खोई
तिरे
लबों
की
ये
सुर्ख़
लाली
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Anmol Mishra
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हमारे
मैं
का
जो
मैं
है
तुम्हारे
मैं
से
ऊपर
है
तिरे
मैं
से
हमेशा
फिर
भी
मैं
तो
हार
जाता
हूँ
Anmol Mishra
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दीवारों
पर
ग़म
के
साए
चलते
हैं
तुझको
पाकर
भी
खो
आए
चलते
हैं
पास
तुम्हारे
अब
लाखों
का
मज्मा
है
अच्छा
हम
भी
हुए
पराए
चलते
हैं
जिन
राहों
पर
आँखें
मूँदे
चलती
तुम
उन
राहों
पर
हम
टकराए
चलते
हैं
आज
जवानी
ठोकर
खाकर
गिरती
है
बूढ़े
कंधे
बोझ
उठाए
चलते
हैं
जोगी
वाला
अलबेला'पन
है
मुझ
में
सब
पर
इक
संसार
लुटाए
चलते
हैं
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Anmol Mishra
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