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Anmol Mishra
jo toot baithe thakan ke maare jo haar baithe hain aadhe raaste
jo toot baithe thakan ke maare jo haar baithe hain aadhe raaste | जो टूट बैठे थकन के मारे जो हार बैठे हैं आधे रस्ते
- Anmol Mishra
जो
टूट
बैठे
थकन
के
मारे
जो
हार
बैठे
हैं
आधे
रस्ते
सुनो
ऐ
मंज़िल
ज़रा
बिचारों
के
पास
आओ
गले
लगाओ
- Anmol Mishra
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मंज़िल
मिली
तो
उसकी
कमी
हमको
खा
गई
सामान
रास्ते
में
जो
खोना
पड़ा
हमें
Abbas Qamar
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मेरी
जानिब
न
बढ़ना
अब
मोहब्बत
मैं
अब
पहले
से
मुश्किल
रास्ता
हूँ
Liaqat Jafri
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सफ़र
में
मुश्किलें
आएँ
तो
जुरअत
और
बढ़ती
है
कोई
जब
रास्ता
रोके
तो
हिम्मत
और
बढ़ती
है
Nawaz Deobandi
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जब
भी
उस
कूचे
में
जाना
पड़ता
है
ज़ख़्मों
पर
तेज़ाब
लगाना
पड़ता
है
उसके
घर
से
दूर
नहीं
है
मेरा
घर
रस्ते
में
पर
एक
ज़माना
पड़ता
है
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Subhan Asad
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अगर
तुम
हो
तो
घबराने
की
कोई
बात
थोड़ी
है
ज़रा
सी
बूँदा-बाँदी
है
बहुत
बरसात
थोड़ी
है
ये
राह-ए-इश्क़
है
इस
में
क़दम
ऐसे
ही
उठते
हैं
मोहब्बत
सोचने
वालों
के
बस
की
बात
थोड़ी
है
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Abrar Kashif
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डर
हम
को
भी
लगता
है
रस्ते
के
सन्नाटे
से
लेकिन
एक
सफ़र
पर
ऐ
दिल
अब
जाना
तो
होगा
Javed Akhtar
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अब
ज़िन्दगी
से
कोई
मिरा
वास्ता
नहीं
पर
ख़ुद-कुशी
भी
कोई
सही
रास्ता
नहीं
Rahul
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मैं
किस
से
पूछूँ
ये
रस्ता
दुरुस्त
है
कि
ग़लत
जहाँ
से
कोई
गुज़रता
नहीं
वहाँ
हूँ
मैं
Umair Najmi
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जो
तुम्हें
मंज़िल
पे
ले
जाएँगी
वो
राहें
अलग
हैं
मैं
वो
रस्ता
हूँ
कि
जिस
पर
तुम
भटक
कर
आ
गई
हो
Harman Dinesh
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काम
की
बात
मैंने
की
ही
नहीं
ये
मेरा
तौर-ए-ज़िंदगी
ही
नहीं
Jaun Elia
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तमाम
रातें
सुकून
सारा
चुरा
के
जानाँ
कहाँँ
को
चल
दी
सुनो
शब-ए-वस्ल
है
हमारी
जगा
के
जानाँ
कहाँँ
को
चल
दी
हमारे
पैरों
पे
पैर
रख
के
खड़ी
हुई
थी
गले
लगाने
तुम्हारे
पैरों
लगी
महावर
लगा
के
जानाँ
कहाँँ
को
चल
दी
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Anmol Mishra
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कट
गईं
वो
भी
पतंगें
जिनके
माँझे
तेज़
थे
तुम
भी
ज़्यादा
उड़
रहे
हो
हश्र
अपना
सोच
लो
Anmol Mishra
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कागज़ों
की
कश्ती
पर
दिल
के
ज़ख़्म
ढोते
हैं
हाथ
लगती
चीज़ों
को
हाथ
लगते
खोते
हैं
एक
दिन
अँधेरे
ने
आके
मुझ
सेे
बोला
ये
जो
उदास
रहते
नइँ
वो
उदास
होते
हैं
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Anmol Mishra
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महकते
पन्नों
की
भीनी
ख़ुशबू
नशा
चढ़ाए
अलग
तरह
का
जहाँँ
में
जितने
शराबख़ाने
बनाओ
सारे
किताबख़ाने
Anmol Mishra
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शमा
जलाने
को
सब
हैं
कहते
बहुत
अँधेरा
बिखर
रहा
है
हटा
दो
ज़ुल्फ़ें
हुआ
उजाला
जरा
सा
हँस
दो
हुआ
सवेरा
Anmol Mishra
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