hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Anmol Mishra
raat ki vehshat ko jaano dar ga.e
raat ki vehshat ko jaano dar ga.e | रात की वहशत को जानो डर गए
- Anmol Mishra
रात
की
वहशत
को
जानो
डर
गए
बोल
लो
ख़ुद
से
कभी
लो
डर
गए
इश्क़
के
जलते
चराग़ों
क्या
हुआ
तुम
अभी
से
बुझ
रहे
हो
डर
गए
जिस्म
के
हर
मोड़
को
तो
छू
लिया
रूह
पर
भी
हाथ
रक्खो
डर
गए
झूलना
पंखे
से
चाहा
जब
कभी
देखकर
कमज़ोर
छत
को
डर
गए
मानता
हूँ
मैं
ग़लत
था
ठीक
है
आँख
से
आँखें
मिलाओ
डर
गए
रोज़
हालातों
से
हम
लड़ते
रहे
जीते
जी
वो
मर
गए
जो
डर
गए
- Anmol Mishra
Download Ghazal Image
यूँँ
तो
रुस्वाई
ज़हर
है
लेकिन
इश्क़
में
जान
इसी
से
पड़ती
है
Fahmi Badayuni
Send
Download Image
66 Likes
फिर
वही
रोना
मुहब्बत
में
गिला
शिकवा
जहाँ
से
रस्म
है
बस
इसलिए
भी
तुम
को
साल-ए-नौ
मुबारक
Neeraj Neer
Send
Download Image
17 Likes
हर
किसी
से
ही
मुहब्बत
माँगता
है
दिल
तो
अब
सब
सेे
अक़ीदत
माँगता
है
सीख
आया
है
सलीक़ा
ग़ुफ़्तगू
का
मुझ
सेे
मेरा
दोस्त
इज़्ज़त
माँगता
है
Read Full
Send
Download Image
2 Likes
मैं
चाहता
हूँ
मोहब्बत
मेरा
वो
हाल
करे
कि
ख़्वाब
में
भी
दोबारा
कभी
मजाल
न
हो
Jawwad Sheikh
Send
Download Image
135 Likes
किसी
भी
शख़्स
के
झूठे
दिलासे
में
नहीं
आती
कहानी
हो
अगर
लंबी
तराशे
में
नहीं
आती
जहाँ
में
अब
कहाँ
कोई
जो
मजनूँ
की
तरह
चाहे
मोहब्बत
इसलिए
भी
अब
तमाशे
में
नहीं
आती
Read Full
Ansar Ethvi
Send
Download Image
4 Likes
बहुत
आसान
है
कहना,
बुरा
क्या
है
भला
क्या
है
करोगे
इश्क़
तब
मालूम
होगा,
मसअला
क्या
है
Bhaskar Shukla
Send
Download Image
46 Likes
सच
बताओ
कि
सच
यही
है
क्या
साँस
लेना
ही
ज़िंदगी
है
क्या
कुछ
नया
काम
कर
नई
लड़की
इश्क़
करना
है
बावली
है
क्या
Read Full
Vikram Gaur Vairagi
Send
Download Image
83 Likes
इश्क़
के
इज़हार
में
हर-चंद
रुस्वाई
तो
है
पर
करूँँ
क्या
अब
तबीअत
आप
पर
आई
तो
है
Akbar Allahabadi
Send
Download Image
25 Likes
यानी
अब
उसकी
मुहब्बत
का
हलफ़
माँगूँ
मैं
यानी
अब
सुर्ख़
लबों
पे
मैं
सियाही
फेंकूँ
anupam shah
Send
Download Image
2 Likes
छोड़ो
दुनिया
की
परवाहें,
करो
मोहब्बत
मुश्किल
हों
कितनी
भी
राहें,
करो
मोहब्बत
सुनकर
देखो
सारे
मंदिर
यही
कहेंगे
यही
कहेंगी
सब
दरगाहें,
करो
मोहब्बत
Read Full
Bhaskar Shukla
Send
Download Image
48 Likes
Read More
जंगल
जंगल
भटका
पानी
एक
नदी
में
अटका
पानी
कोई
दरिया
खोज
रहा
था
बीच
गगन
में
लटका
पानी
पैर
तुम्हारे
चूम
रहा
क्यूँ
जाने
कौन
से
तट
का
पानी
उसने
पूछा
क्या
है
मुहब्बत
देख
उसे
फिर
गटका
पानी
इतनी
सुन्दर
क्या
होगा
जब
तुम
पर
पड़ेगा
घट
का
पानी
कितने
सागर
तैर
गया
पर
उन
आँखों
का
खटका
पानी
Read Full
Anmol Mishra
Download Image
2 Likes
हमारे
मैं
का
जो
मैं
है
तुम्हारे
मैं
से
ऊपर
है
तिरे
मैं
से
हमेशा
फिर
भी
मैं
तो
हार
जाता
हूँ
Anmol Mishra
Send
Download Image
8 Likes
दीवारों
पर
ग़म
के
साए
चलते
हैं
तुझको
पाकर
भी
खो
आए
चलते
हैं
पास
तुम्हारे
अब
लाखों
का
मज्मा
है
अच्छा
हम
भी
हुए
पराए
चलते
हैं
जिन
राहों
पर
आँखें
मूँदे
चलती
तुम
उन
राहों
पर
हम
टकराए
चलते
हैं
आज
जवानी
ठोकर
खाकर
गिरती
है
बूढ़े
कंधे
बोझ
उठाए
चलते
हैं
जोगी
वाला
अलबेला'पन
है
मुझ
में
सब
पर
इक
संसार
लुटाए
चलते
हैं
Read Full
Anmol Mishra
Download Image
7 Likes
तमाम
रातें
सुकून
सारा
चुरा
के
जानाँ
कहाँँ
को
चल
दी
सुनो
शब-ए-वस्ल
है
हमारी
जगा
के
जानाँ
कहाँँ
को
चल
दी
हमारे
पैरों
पे
पैर
रख
के
खड़ी
हुई
थी
गले
लगाने
तुम्हारे
पैरों
लगी
महावर
लगा
के
जानाँ
कहाँँ
को
चल
दी
Read Full
Anmol Mishra
Send
Download Image
6 Likes
दर्द
वहशत
और
हिजरत
से
लबालब
हों
घड़े
जो
लाओ
रख
दो
सामने
मैं
आज
फिर
उलझा
हुआ
हूँ
Anmol Mishra
Send
Download Image
6 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Dipawali Shayari
Aadat Shayari
Qaid Shayari
Revenge Shayari
Shama Shayari