zaKHm dil men chhu | ज़ख़्म दिल में छुपाए हुए हैं

  - Ankur giri
ज़ख़्मदिलमेंछुपाएहुएहैं
तुमकोलेकिनदिखाएहुएहैं
तुमसेेमिलनेकीहीआसमेंतो
उम्रअपनीघटाएहुएहैं
हमकोजानाहैघरआजजल्दी
मिलनेवोहमसेआएहुएहैं
हमसेेउल्फ़तकीबातेंकरना
इस
मेंहमघाटेखाएहुएहैं
हमकोआजउनसेेमिलनेदोयारो
हमबहुतचलकेआएहुएहैं
यादरहतेहैंहमदुनियाभरको
इकतिरेहीभुलाएहुएहैं
मय-कदाहैठिकानाहमारा
दुनियाकेहमसताएहुएहैं
तुमकोअपनाबनानेकीख़ातिर
दुनियासिरपेउठाएहुएहैं
चैनहमकोअँधेरेमेंहैअब
रौशनीकेसताएहुएहैं
  - Ankur giri
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