na socha tha tira gham yuñ ha | न सोचा था तिरा ग़म यूँँ हमें मजबूर कर देगा

  - Ankur giri
सोचाथातिराग़मयूँँहमेंमजबूरकरदेगा
येअपनेआपसेइकरोज़हमकोदूरकरदेगा
मुहब्बतमेंज़रूरीहैसनमकोचाहनालेकिन
तुम्हाराचाहनाइतनाउसेमग़रूरकरदेगा
तुम्हेंखोनेकादुखहैजोमुसलसलगारहेहैंहम
सनमतुमदेखनायेग़महमेंमशहूरकरदेगा
नहींहमचाहतेलेनाग़लतअबफ़ैसलाकोई
मगरयेहिज्रतेराजान-ए-जाँमजबूरकरदेगा
उदासीराहतेंतोदेतीहैकुछदेरकोलेकिन
येवोमरहमहैजोइसज़ख़्मकोनासूरकरदेगा
  - Ankur giri
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