rahte hain saath har dam yaadon ke gham tumhaare | रहते हैं साथ हर दम यादों के ग़म तुम्हारे

  - Ankur giri
रहतेहैंसाथहरदमयादोंकेग़मतुम्हारे
तुमकाशहोतेअबभीहाँहमसेफ़रहमारे
छाईहैक्यूँयेघरमेंचारोंतरफ़उदासी
कोईनहींयहाँक्याजोअबहमेंपुकारे
कश्तीडुबोदीहमनेइकरोज़अपनेहाथों
भटकेहुओंकोयूँँभीमिलतेनहींकिनारे
मिलनाहमाराबिल्कुलमुमकिननहींमिरीजाँ
मिलतेनहींकभीभीनदियाकेदोकिनारे
मुश्किलसफ़ररहापरहिम्मतकभीहारी
क़िस्मतहमारीदेखोमंज़िलपेकेहारे
  - Ankur giri
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