salaam-e-aakhir qubool karna tumhaari duniya se kat rahe hain | सलाम-ए-आख़िर क़ुबूल करना, तुम्हारी दुनिया से कट रहे हैं

  - Ankit Maurya
सलाम-ए-आख़िरक़ुबूलकरना,तुम्हारीदुनियासेकटरहेहैं
यहाँपेकोईनहींहमारा,तुम्हारीदुनियासेकटरहेहैं
हरओररंजिश,हरओरनफ़रत,यहाँज़राभीसुकूँनहींहै
सोतंगकरहमारेमौला,तुम्हारीदुनियासेकटरहेहैं
अगरबनानाइसेदोबारातोनफ़रतोंसेजुदाबनाना
बनासकोतबहमेंबुलाना,तुम्हारीदुनियासेकटरहेहैं
मुझेबनाओ,उसेबनाओ,हमारीदुनियाअलगबनाओ
हमारेक़ाबिलनहींयेदुनिया,तुम्हारीदुनियासेकटरहेहैं
उसेबतानाकिबादउसकेहमेंयेदुनियातोकाटतीहै
जोजातेजातेयेकहगयाथा,तुम्हारीदुनियासेकटरहेहैं
इसपेउसपेयेदोषडालो,किसीकीइस
मेंख़तानहींहै
तुम्हारीजानिबहीहैइशारा,तुम्हारीदुनियासेकटरहेहैं
हसीनलोगोंतुम्हारीदुनियामेंदिलनहींहै,हैहुस्नहीबस
तुम्हेंआताहैइश्क़करना,तुम्हारीदुनियासेकटरहेहैं
  - Ankit Maurya
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