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Anjali Sahar
jab kahiin se na ho koii ummeed
jab kahiin se na ho koii ummeed | जब कहीं से न हो कोई उम्मीद
- Anjali Sahar
जब
कहीं
से
न
हो
कोई
उम्मीद
नज़र
आ
जाए
इक
नई
उम्मीद
जब
मुझे
सब्र
आने
लगता
है
नज़र
आ
जाती
है
नई
उम्मीद
दिल
तुझे
सब्र
क्यूँँ
नहीं
आता
फिर
वही
आस
फिर
वही
उम्मीद
कोई
उम्मीद
जब
नहीं
होती
होती
है
एक
ख़ुद-कुशी
उम्मीद
मौत
ही
रास्ता
निकालेगी
ज़िंदगी
से
नहीं
कोई
उम्मीद
दिल
मुझे
इस
क़दर
तो
ख़्वार
न
कर
फिर
वही
शख़्स
फिर
वही
उम्मीद
'सहर'
इस
शब
की
भी
सहर
होगी
बस
रही
उम्र
भर
यही
उम्मीद
- Anjali Sahar
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मौत
का
एक
दिन
मुअय्यन
है
नींद
क्यूँँ
रात
भर
नहीं
आती
Mirza Ghalib
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जब
से
छेड़ा
है
मेरे
ज़ख़्मों
को
आ
रही
मौत
की
सदा
मुझको
Rachit Sonkar
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रूह
मेरी
अब
करेगी
इंतिज़ार
क़ब्र
में
ये
फ़ोन
भी
रख
दीजिए
Tanoj Dadhich
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मौत
ही
इंसान
की
दुश्मन
नहीं
ज़िंदगी
भी
जान
ले
कर
जाएगी
Arsh Malsiyani
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बरस
रही
है
आँखें
हैं
ये
इनको
बादल
मत
कहना
मौत
हुई
है
दिल
की
मेरे
उसको
घाइल
मत
कहना
जीवन
भर
वो
साथ
रहेगा
प्यार
करेगा
बस
तुमको
मुझको
पागल
कह
देती
थी
उसको
पागल
मत
कहना
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Tanoj Dadhich
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आई
होगी
किसी
को
हिज्र
में
मौत
मुझ
को
तो
नींद
भी
नहीं
आती
Akbar Allahabadi
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हम
चाहते
थे
मौत
ही
हम
को
जुदा
करे
अफ़्सोस
अपना
साथ
वहाँ
तक
नहीं
हुआ
Waseem Nadir
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मौत
के
साथ
हुई
है
मिरी
शादी
सो
'ज़फ़र'
उम्र
के
आख़िरी
लम्हात
में
दूल्हा
हुआ
मैं
Zafar Iqbal
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इक
प्यासे
की
मौत
हुई
है
अब
पानी
को
दुख
होगा
Shadab Javed
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तुम्हारी
मौत
मेरी
ज़िंदगी
से
बेहतर
है
तुम
एक
बार
मरे
मैं
तो
बार
बार
मरा
Zubair Ali Tabish
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ठान
लें
गर
तो
क्या
नहीं
होता
हाँ
मगर
हौसला
नहीं
होता
ज़िंदगी
किस
तरह
गुज़ारें
हम
इक
यही
फ़ैसला
नहीं
होता
उन
का
भी
तो
कोई
ठिकाना
है
जिन
का
कोई
पता
नहीं
होता
सब्र
से
काम
क्यूँँ
नहीं
लेते
सब्र
करने
से
क्या
नहीं
होता
अभी
बाज़ी
पलट
भी
सकती
है
वक़्त
का
कुछ
पता
नहीं
होता
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Anjali Sahar
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इसका
मतलब
कि
ज़िन्दगी
दुख
है
सब
यही
कहते
हैं
अजी
दुख
है
इस
नई
नस्ल
के
हैं
ढ़ेरों
दुख
पहला
दुख
वक़्त
की
कमी
दुख
है
और
सुनाओ
कि
कैसी
कट
रही
है
और
तो
क्या
है
बस
वही
दुख
है
मुझे
मेरा
मिज़ाज
ले
डूबा
इस
ज़माने
में
सादगी
दुख
है
जब
से
इक
शख़्स
छोड़
कर
गया
है
मेरी
सब
सेे
बड़ी
ख़ुशी
दुख
है
वैसे
तो
तेरा
दुख
बड़ा
दुख
था
तेरे
बाद
अब
तेरी
कमी
दुख
है
अब
तो
ये
भी
समझ
से
बाहर
है
किस
का
दुख
है
जो
वाक़ई
दुख
है
मुझे
सबने
यही
बताया
है
कि
तेरे
सीने
में
कोई
दुख
है
मैं
तुम्हें
भूलने
लगी
हूँ
अब
मैं
समझती
थी
दाइमी
दुख
है
और
तो
क्या
कमाया
है
हमने
सारा
सरमाया
बस
यही
दुख
है
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Anjali Sahar
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दो
दिलों
को
मुहब्बत
से
वीरान
कर
मोड़
देते
हैं
इक
अजनबी
की
तरफ़
Anjali Sahar
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हम
सेे
कटता
नहीं
ग़मों
का
पहाड़
लोग
कहते
हैं
ज़िंदगी
कम
है
Anjali Sahar
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है
इन
दियों
का
मुक़द्दर
भी
बेटियों
जैसा
कहाँ
बनाए
गए
और
हुए
कहाँ
रौशन
Anjali Sahar
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