vasl hi vasl rahe hijr ka imkaan na ho | वस्ल ही वस्ल रहे हिज्र का इम्कान न हो

  - Anis Abr
वस्लहीवस्लरहेहिज्रकाइम्कानहो
मिरेदोस्तयेरिश्ताकभीबे-जानहो
एकक़ैदीकीतमन्नाहैनयाशहरमिले
शहरऐसाकिजहाँपरकोईज़िंदानहो
दिलकोरासआईहैंयेमुश्किलेंमुश्किलसेबहुत
अबमैंयेचाहताहूँज़िंदगीआसानहो
बाततुझसेतिरेअंदाज़मेंहीकररहाहो
मेरेलहजेकीअकड़सुनकेतूहैरानहो
इसक़दरतंगहैंमायूसनिगाहेंउसकी
मौतभीसामनेआएतोपरेशानहो
किसकेआगेयेमलाएककीजबीनेंख़महैं
जिसकोसज्दायेहुआहैकहींइंसानहो
  - Anis Abr
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