mohabbaton men kabhi ye asar nazar aa.e | मोहब्बतों में कभी ये असर नज़र आए

  - Anis Abr
मोहब्बतोंमेंकभीयेअसरनज़रआए
वोएकबारदिखेउम्रभरनज़रआए
जोसरझुकाऊँतोपैरोंमेंबेड़ियाँदेखूँ
जोसरउठाऊँतोनेज़ेपेसरनज़रआए
सुकूनढूँडतेथकजाऊँऔरआख़िर-कार
वोतंगगलियोंमेंमिट्टीकाघरनज़रआए
मंज़िलोंकापताहैरास्तोंकीख़बर
भटकतीआँखोंकोअबराहबरनज़रआए
यहीतोनौहाहैफुर्क़त-ज़दाइनआँखोंका
पयाम-ए-यारमिलेनामा-बरनज़रआए
तभीतोमानूँकिहाँउसकोभीमोहब्बतहै
जबउसकीआँखोंमेंफ़ुर्क़तकाडरनज़रआए
मुझऐसाबज़्ममेंकोईतोसर-ब-ज़ानूहो
इनहँसतेचेहरोंमेंइकचश्म-ए-तरनज़रआए
  - Anis Abr
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