hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Animesh Choubey
jin
jin | जिन
- Animesh Choubey
जिन
में
तेरा
जिक्र
न
रहे
वो
बातें
भी
क्या
बातें
हैं
जो
तेरा
साया
न
साथ
रहे
तो
रातें
भी
क्या
रातें
हैं
- Animesh Choubey
Download Sher Image
मुझे
अब
आइनों
की
क्या
ज़रूरत
मैं
अपने
साथ
अब
रहने
लगा
हूँ
Madan Mohan Danish
Send
Download Image
39 Likes
भीगी
पलकें
देख
कर
तू
क्यूँँ
रुका
है
ख़ुश
हूँ
मैं
वो
तो
मेरी
आँख
में
कुछ
आ
गया
है
ख़ुश
हूँ
मैं
वो
किसी
के
साथ
ख़ुश
था
कितने
दुख
की
बात
थी
अब
मेरे
पहलू
में
आकर
रो
रहा
है
ख़ुश
हूँ
मैं
Read Full
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
72 Likes
क्यूँँ
चलते
चलते
रुक
गए
वीरान
रास्तो
तन्हा
हूँ
आज
मैं
ज़रा
घर
तक
तो
साथ
दो
Adil Mansuri
Send
Download Image
26 Likes
हमेशा
साथ
सबके
तो
ख़ुदा
भी
रह
नहीं
सकता
बनाकर
औरतें
उसने
ज़मीं
को
यूँँ
किया
जन्नत
Anukriti 'Tabassum'
Send
Download Image
3 Likes
बारिशें
जाड़े
की
और
तन्हा
बहुत
मेरा
किसान
जिस्म
और
इकलौता
कंबल
भीगता
है
साथ-साथ
Parveen Shakir
Send
Download Image
28 Likes
सगी
बहनों
का
जो
रिश्ता
रिश्ता
है
उर्दू
और
हिन्दी
में
कहीं
दुनिया
की
दो
ज़िंदा
ज़बानों
में
नहीं
मिलता
Munawwar Rana
Send
Download Image
42 Likes
हमेशा
यही
भूल
करता
रहा
तेरा
साथ
पाने
को
मरता
रहा
सुनहरे
बहारों
के
मौसम
तले
गुलिस्ताँ
हमारा
बिखरता
रहा
Read Full
Ambar
Send
Download Image
1 Like
सात
टुकड़े
हुए
मेरे
दिल
के
एक
हफ़्ता
लगा
सँभलने
में
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
34 Likes
ज़िंदगी
तुझ
से
भी
क्या
ख़ूब
त'अल्लुक़
है
मिरा
जैसे
सूखे
हुए
पत्ते
से
हवा
का
रिश्ता
Khalish Akbarabadi
Send
Download Image
39 Likes
हमारे
कुछ
गुनाहों
की
सज़ा
भी
साथ
चलती
है
हम
अब
तन्हा
नहीं
चलते
दवा
भी
साथ
चलती
है
Munawwar Rana
Send
Download Image
55 Likes
Read More
उलझी
जो
उन
सेे
नज़रें,
उलझती
ही
चली
गई
थमी
जो
दिल
की
धड़कन
थमती
ही
चली
गई
होंठों
से
बरसती
रही
तबस्सुम
बनकर
चांदनी
जो
खुलती
गई
ज़ुल्फ़ें,
रात
गहराती
चली
गई
Read Full
Animesh Choubey
Send
Download Image
1 Like
कही
पर
कहूँ,
या
अनकही
पर
कहूँ
साक़ी
बता
मैं
किस
अंदाज़
पर
कहूँ
Animesh Choubey
Send
Download Image
1 Like
तेरे
चाहने
वाले
बर्बाद
होंगे
या
आबाद
होंगे
अब
तो
जो
भी
होंगे,
सारे
बे-हिसाब
होंगे
Animesh Choubey
Send
Download Image
1 Like
मैं
सूरज
था,
रौशनी
का
चाँद
के
लिए
ढल
गया
मैं
पानी
था
नदी
का
पेड़ों
के
लिए
रुक
गया
मैं
पत्ता
था
पेड़ों
का
टहनियों
के
लिए
सुख
गया
मैं
टहनी
था
जंगल
का
सूरज
के
इंतज़ार
में
जल
गया
Read Full
Animesh Choubey
Send
Download Image
1 Like
क़यामत
तो
फिर
भी
एक
दिन
ठहर
ही
जायेगी
तेरी
'मुस्कुराहट'
का
जाने
क्या
सिलसिला
होगा
Animesh Choubey
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Religion Shayari
Mulaqat Shayari
Khamoshi Shayari
Aabroo Shayari
Tanz Shayari