gar ye himmat hai ki toofaan ki zad par rahiye | गर ये हिम्मत है कि तूफ़ान की ज़द पर रहिए

  - Anees Sultana
गरयेहिम्मतहैकितूफ़ानकीज़दपररहिए
ना-ख़ुदाओंकेकमालातसेबचकररहिए
घरहैशीशेकातोइसदौरमेंजीनेकेलिए
संग-रेज़ोंकीक़बाओढ़केदरपररहिए
दूरबहतीहुईआकाशकीगंगासेपरे
आसमाँढूँडपाएँयूँँसिमटकररहिए
येख़बरहैकिकोईबर्क़गिरेगीमुझपर
येख़बरसचहैतोफिरआजकेदिनघररहिए
मेरेदिलमेंउतरआयाहैकोईतूफ़ाँसा
ज़ब्तकहताहैकिइदराककेपैकररहिए
क़त्ल-गाहोंमेंभीसब्क़ततभीदीजाएगी
अपनीगर्दनपेसलीबअपनीउठाकररहिए
तुमकोहालातसेशिकवासहीफिरभी'अनीस'
अपनेजज़्बातकीयलग़ारसेडरकररहिए
  - Anees Sultana
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