rakhta hai apne saath gunaahon ka baar dil | रखता है अपने साथ गुनाहों का बार दिल

  - Anas Nabeel
रखताहैअपनेसाथगुनाहोंकाबारदिल
उजलेसेमेरेसीनेमेंहैदाग़-दारदिल
तक़्वासेगरभराहोतोफिरनेकियोंकीसम्त
इसतरहदौड़ताहैकिहोशहसवारदिल
हैंआजसबकेसीनोंमेंपत्थररखेहुए
बरसाएआसमानसेपर्वरदिगारदिल
कबतकतूउसकीयादकोरखेगाओढ़कर
फटनेलगीहैअबतोक़बायेउतारदिल
कैसीमुनाफ़िक़ानारविशहैकिजिस्मको
देताहैपाकख़ूनयहीपुर-ग़ुबारदिल
काँटोंसेग़मकेइसकोछुड़ानेकेवास्ते
खींचाजोमैंनेऔरहुआतार-तारदिल
हरबातपरहैमेरायेदुश्मनबनाहुआ
सीनेमेंचुभतारहताहैमानिंद-ए-ख़ारदिल
कहताहैशे'रदाग़केलहजेमेंअब'नबील'
होहोउसकाभीहैबहुतबे-क़रारदिल
  - Anas Nabeel
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