hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Ananya Rai Parashar
ru-b-ru aisi paas bastii hai
ru-b-ru aisi paas bastii hai | रु-ब-रु ऐसी पास बस्ती है
- Ananya Rai Parashar
रु-ब-रु
ऐसी
पास
बस्ती
है
रोते
चेहरे
उदास
बस्ती
है
- Ananya Rai Parashar
Download Sher Image
नहीं
है
लब
पे
दिखावे
का
भी
तबस्सुम
अब
हमें
किसी
ने
मुक़म्मल
उदास
कर
दिया
है
Amaan Haider
Send
Download Image
20 Likes
ख़ाली
पड़ा
है
और
उदासी
भरा
है
दिल
सो
लोग
इस
मकान
से
आगे
निकल
गए
Ankit Maurya
Send
Download Image
51 Likes
अज़ल
से
ले
कर
के
आज
तक
मैं
कभी
भी
तन्हा
नहीं
रहा
हूँ
कभी
थे
तुम
तो,
कभी
थी
दुनिया,
कभी
ये
ग़ज़लें,
कभी
उदासी
Ankit Maurya
Send
Download Image
41 Likes
सुब्ह-ओ-शाम
अब
हमको
बस
उदास
रहना
है
ग़मज़दों
की
मंज़िल
का
रास्ता
उदासी
है
Rohit tewatia 'Ishq'
Send
Download Image
8 Likes
ज़िंदगी
भर
वो
उदासी
के
लिए
काफ़ी
है
एक
तस्वीर
जो
हँसते
हुए
खिंचवाई
थी
Yasir Khan
Send
Download Image
75 Likes
उदासी
इक
समुंदर
है
कि
जिसकी
तह
नहीं
है
मैं
नीचे
और
नीचे
और
नीचे
जा
रहा
हूँ
Charagh Sharma
Send
Download Image
57 Likes
हमारे
घर
की
दीवारों
पे
'नासिर'
उदासी
बाल
खोले
सो
रही
है
Nasir Kazmi
Send
Download Image
29 Likes
सभी
के
साथ
दिखना
भी
मगर
सब
सेे
जुदा
रहना
भी
है
उसको
उदासी
साथ
भी
रखनी
है
और
तस्वीर
में
हँसना
भी
है
उसको
Kafeel Rana
Send
Download Image
61 Likes
मज़ा
चहिए
जो
आख़िर
तक
उदासी
से
मोहब्बत
कर
ख़ुशी
का
क्या
है
कब
तब्दील
है
से
थी
में
हो
जाए
Atul K Rai
Send
Download Image
3 Likes
शबो
रोज़
की
चाकरी
ज़िन्दगी
की
मुयस्सर
हुईं
रोटियाँ
दो
घड़ी
की
नहीं
काम
आएँ
जो
इक
दिन
मशीनें
ज़रूरत
बने
आदमी
आदमी
की
कि
कल
शाम
फ़ुरसत
में
आई
उदासी
बता
दी
मुझे
क़ीमतें
हर
ख़ुशी
की
किया
क्या
अमन
जी
ने
बाइस
बरस
में
कभी
जी
लिया
तो
कभी
ख़ुद-कुशी
की
ग़मों
को
ठिकाने
लगाते
लगाते
घड़ी
आ
गई
आदमी
के
ग़मी
की
ये
सारी
तपस्या
का
कारण
यही
है
मिसालें
बनें
तो
बनें
सादगी
की
Read Full
Aman G Mishra
Send
Download Image
2 Likes
Read More
मैं
हूँ
वो
आइना
जिस
में
के
शख़्सियत
तेरी
हुई
जो
रू-ब-रू
तो
टूट
फूट
जाएगी
Read Full
Ananya Rai Parashar
Send
Download Image
12 Likes
वैसे
तो
अच्छी
भली
है
ज़िंदगी
फिर
भी
लगता
है
बुरी
है
ज़िंदगी
देख
कर
ऐसा
तमाशा
मौत
का
हम
सभी
में
क्या
बची
है
ज़िंदगी
वो
ही
जीता
है
जीयेगा
शान
से
जिसकी
क़िस्मत
में
लिखी
है
ज़िंदगी
पहले
बचपन
फिर
जवानी
फिर
ज़ईफ
मैने
भी
ऐसी
सुनी
है
ज़िंदगी
तुम
जो
आए
हो
सनम
मेरे
क़रीब
हर
घड़ी
जैसे
नई
है
ज़िंदगी
मुस्कुराकर
रूह
ने
जब
जिस्म
का
हाथ
थामा
तो
चली
है
ज़िंदगी
मैं
'अनन्या'
सोचती
रहती
हूँ
क्यूँ
क्या
हक़ीक़त
में
मेरी
है
ज़िंदगी
Read Full
Ananya Rai Parashar
Download Image
4 Likes
सारी
ख़ुशियां
नहीं
ग़म
हुए
आपके
है
उजाले
नहीं
तम
हुए
आपके
सात
फेरों
के
संग
लेके
सातों
वचन
सात
जन्मों
तलक
हम
हुए
आपके
Read Full
Ananya Rai Parashar
Send
Download Image
8 Likes
सोचती
हूँ
कि
गुम
हो
जाऊँ
कहीं
और
फिर
तुम
मुझे
तलाश
करो
Ananya Rai Parashar
Send
Download Image
4 Likes
मोहब्बत
के
झिलमिल
सितारों
में
आओ
मेरे
साथ
यारा
बहारों
में
आओ
ख़ुशी
से
ये
आँखें
तुम्हें
चूम
लेंगी
सनम
इस
तरह
से
नज़ारों
में
आओ
Read Full
Ananya Rai Parashar
Send
Download Image
16 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Qabr Shayari
Khudkushi Shayari
Budhapa Shayari
Kanta Shayari
Rahbar Shayari