bashar ko mash'al-e-eimaan se aagahi na mili | बशर को मशअ'ल-ए-ईमाँ से आगही न मिली

  - Anand Narayan Mulla
बशरकोमशअ'ल-ए-ईमाँसेआगहीमिली
धुआँवोथाकिनिगाहोंकोरौशनीमिली
ख़ुशीकीमा'रिफ़तऔरग़मकीआगहीमिली
जिसेजहाँमेंमोहब्बतकीज़िंदगीमिली
जिगरथाकिकोईफाँससीचुभीमिली
जहाँकीख़ाकउड़ाईकहींख़ुशीमिली
येकहकेआख़िर-ए-शबशम्अहोगईख़ामोश
किसीकीज़िंदगीलेनेसेज़िंदगीमिली
लबोंपेफैलगईएकमौज-ए-ग़मअक्सर
बिछड़केतुझसेहँसीकीतरहहँसीमिली
तवाफ़-ए-शम्अपतंगोंकाजलकेभीहैवही
जिगरकीआगसेआँखोंकोरौशनीमिली
सबातपासकेगाकोईनिज़ाम-ए-चमन
फ़सुर्दाग़ुंचोंकोजिसमेंशगुफ़्तगीमिली
फ़लककेतारोंसेक्यादूरहोगीज़ुल्मत-ए-शब
जबअपनेघरकेचराग़ोंसेरौशनीमिली
अभीशबाबहैकरलूँख़ताएँजीभरके
फिरइसमक़ामपेउम्र-ए-रवाँमिलीमिली
वोक़ाफ़िलेकिफ़लकजिनकेपाँवकाथाग़ुबार
रह-ए-हयातसेभटकेतोगर्दभीमिली
वोतीरा-बख़्तहक़ीक़तमेंहैजिसे'मुल्ला'
किसीनिगाहकेसाएकीचाँदनीमिली
  - Anand Narayan Mulla
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