jab bhi des ko waapas jaaun aankh men aañsu aa.e | जब भी देस को वापस जाऊँ आँख में आँसू आए

  - Amjad Mirza
जबभीदेसकोवापसजाऊँआँखमेंआँसूआए
ज़ेहनमेंमाज़ीकोलौटाऊँआँखमेंआँसूआए
अपनेशहरकेगूँगेबहरेलोगोंकोमैंअपने
जबभीदिलकीबातसुनाऊँआँखमेंआँसूआए
क़दमक़दमपरधोके-बाज़हैंप्यारजतातेहैं
उनकेराज़समझपाऊँआँखमेंआँसूआए
येमुस्कानेंझूटीख़ुशियाँकबतकबाँटूँमैं
किसकोदिलकेज़ख़्मदिखाऊँआँखमेंआँसूआए
कोईमेरेआँसूपोंछेगलेकोईलगाए
किससेअबमैंआसलगाऊँआँखमेंआँसूआए
दर्दमेंडूबाकैसेलिक्खूँदुनियाकाअफ़्साना
'अमजद'जबभीक़लमउठाऊँआँखमेंआँसूआए
  - Amjad Mirza
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy