be-parda ho ke jab vo lab-e-baam aa gaya | बे-पर्दा हो के जब वो लब-ए-बाम आ गया

  - Amjad Mirza
बे-पर्दाहोकेजबवोलब-ए-बामगया
आँखोंपेमेरीदीदकाइल्ज़ामगया
ता-सुब्हकरवटेंहीबदलतेरहेंगेहम
उनकाअगरख़यालसर-ए-शामगया
बेबाकियोंपेउनकीकिसीनेनज़रकी
मेरीनिगाह-ए-शौक़पेइल्ज़ामगया
इसदौरमेंबहुतहीग़नीमतकहोउसे
दुखमेंअगरकिसीकेकोईकामगया
कितनीहमारीउम्र-ए-मोहब्बतथीमुख़्तसर
आग़ाज़हीकियाथाकिअंजामगया
दुनियाकेग़मभीहमनेउसीमेंडुबोदिए
'अमजद'निगाह-ए-नाज़काजबजामगया
  - Amjad Mirza
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