raat main is kashmakash men ek pal soya nahin | रात मैं इस कश्मकश में एक पल सोया नहीं

  - Amjad Islam Amjad
रातमैंइसकश्मकशमेंएकपलसोयानहीं
कलमैंजबजानेलगातोउसनेक्यूँँरोकानहीं
यूँँअगरसोचूँतोइकइकनक़्शहैसीनेपेनक़्श
हाएवोचेहराकिफिरभीआँखमेंबनतानहीं
क्यूँँउड़ातीफिररहीहैदर-ब-दरमुझकोहवा
मैंअगरइकशाख़सेटूटाहुआपत्तानहीं
आजतन्हाहूँतोकितनाअजनबीमाहौलहै
एकभीरस्तेनेतेरेशहरमेंरोकानहीं
हर्फ़बर्ग-ए-ख़ुश्कबनकरटूटतेगिरतेरहे
ग़ुंचा-ए-अर्ज़-ए-तमन्नाहोंटपरफूटानहीं
दर्दकारस्ताहैयाहैसाअ'त-ए-रोज़-ए-हिसाब
सैकड़ोंलोगोंकोरोकाएकभीठहरानहीं
शबनमीआँखोंकेजुगनूकाँपतेहोंटोंकेफूल
एकलम्हाथाजो'अमजद'आजतकगुज़रानहीं
  - Amjad Islam Amjad
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