agarche koi bhi andha nahin tha | अगरचे कोई भी अंधा नहीं था

  - Amjad Islam Amjad
अगरचेकोईभीअंधानहींथा
लिखादीवारकापढ़तानहींथा
कुछऐसीबर्फ़थीउसकीनज़रमें
गुज़रनेकेलिएरस्तानहींथा
तुम्हीनेकौनसीअच्छाईकीहै
चलोमानाकिमैंअच्छानहींथा
खुलीआँखोंसेसारीउम्रदेखा
इकऐसाख़्वाबजोअपनानहींथा
मैंउसकीअंजुमनमेंथाअकेला
किसीनेभीमुझेदेखानहींथा
सहरकेवक़्तकैसेछोड़जाता
तुम्हारीयादथीसपनानहींथा
खड़ीथीरातखिड़कीकेसिरहाने
दरीचेमेंवोचाँदउतरानहींथा
दिलोंमेंगिरनेवालेअश्कचुनता
कहींइकजौहरीऐसानहींथा
कुछऐसीधूपथीउनकेसरोंपर
ख़ुदाजैसेग़रीबोंकानहींथा
अभीहर्फ़ोंमेंरंगआतेकहाँसे
अभीमैंनेउसेलिक्खानहींथा
थीपूरीशक्लउसकीयादमुझको
मगरमैंनेउसेदेखानहींथा
बरहनाख़्वाबथेसूरजकेनीचे
किसीउम्मीदकापर्दानहींथा
है'अमजद'आजतकवोशख़्सदिलमें
किजोउसवक़्तभीमेरानहींथा
  - Amjad Islam Amjad
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