निकलकेहल्क़ा-ए-शाम-ओ-सहरसजाएँकहीं
ज़मींकेसाथनमिलजाएँयेख़लाएँकहीं
सफ़रकीरातहैपिछलीकहानियाँनकहो
रुतोंकेसाथपलटतीहैंकबहवाएँकहीं
फ़ज़ामेंतैरतेरहतेहैंनक़्शसेक्याक्या
मुझेतलाशनकरतीहोंयेबलाएँकहीं
हवाहैतेज़चराग़-ए-वफ़ाकाज़िक्रतोक्या
तनाबेंख़ेमा-ए-जाँकीनटूटजाएँकहीं
मैंओसबनकेगुल-ए-हर्फ़परचमकताहूँ
निकलनेवालाहैसूरजमुझेछुपाएँकहीं
मिरेवजूदपेउतरीहैंलफ़्ज़कीसूरत
भटकरहीथींख़लाओंमेंयेसदाएँकहीं
हवाकालम्सहैपाँवमेंबेड़ियोंकीतरह
शफ़क़कीआँचसेआँखेंपिघलनजाएँकहीं
रुकाहुआहैसितारोंकाकारवाँ'अमजद'
चराग़अपनेलहूसेहीअबजलाएँकहीं