garmi ka jo mausam aaya | गर्मी का जो मौसम आया

  - Amjad Husain Hafiz Karnataki
गर्मीकाजोमौसमआया
जलनेलगीपेड़ोंकीछाया
सूखगईथीडालीडाली
औरपत्तोंसेभीथीख़ाली
नंगेपेड़पेबैठाकव्वा
हाँपरहाथाजोप्यासाथा
पानीकोवोढूँढतानिकला
घरकेइकछज्जेपरबैठा
हरसूकालथापानीकाजो
गाँवमेंभीथासूखाप्यारो
आँगनमेंथीएकसुराही
उसमेंथाथोड़ासापानी
कव्वासुराहीतकजापहुँचा
लेकिनपानीतहमेंहीथा
चोंचकोअपनीअंदरडाला
पानीतकवोपहुँचपाया
होगयादेखकेयेख़ुशकव्वा
बाज़ूढेरथाकंकरियोंका
लायाइकइककोयेचुनकर
डालताजाताथायूँँकंकर
उसमेंडालेइतनेकंकर
पानीउभरकरआयाऊपर
फिरकव्वेनेप्यासबुझाई
उसकीजानमेंजानअबआई
उड़गयाफुरतीसेअबकव्वा
चुननेलगाफिरदानादुन्का
अक़्लकाखोलोतुमदरवाज़ा
हलमुश्किलकाख़ुदनिकलेगा
  - Amjad Husain Hafiz Karnataki
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