dil nahin dil ka iztiraab nahin | दिल नहीं दिल का इज़्तिराब नहीं

  - Amjad Ali Ghaznawi
दिलनहींदिलकाइज़्तिराबनहीं
साग़र-ए-जमनहींशराबनहीं
दौरयेदौर-ए-इंक़िलाबनहीं
बर्क़मेंभीतोपेच-ओ-ताबनहीं
बर्क़तोहैमगरसहाबनहीं
धूपहैऔरआफ़्ताबनहीं
शौक़-ए-नाकामहीसहीलेकिन
हुस्नभीआजकामयाबनहीं
दिनमेंतारीकी-ए-शब-ए-ग़महै
येहक़ीक़तहैकोईख़्वाबनहीं
नसीम-ए-सहरचमनमेंक्यूँ
लाला-ओ-गुलमेंआब-ओ-ताबनहीं
आदमीआदमीकादुश्मनहै
इकतमाशाहैइंक़लाबनहीं
इसकोमाहौलनेख़राबकिया
आदमीफ़ितरतनख़राबनहीं
बाग़बाँशाख़-ए-गुलसेहैनाराज़
बर्क़अबमूरिद-ए-इताबनहीं
सहन-ए-गुलशनमेंआजअब्र-ए-करम
एकहमहैंकिफ़ैज़याबनहीं
कुछदिनोंसेजानेक्यूँदिलमें
इकख़लिशसीहैइज़्तिराबनहीं
अबमिरेउनकेदरमियाँ'अमजद'
कोईपर्दानहींहिजाबनहीं
  - Amjad Ali Ghaznawi
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