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Daqiiq Jabaali
ziyaada hi badi mushkil men hooñ main
ziyaada hi badi mushkil men hooñ main | ज़ियादा ही बड़ी मुश्किल में हूँ मैं
- Daqiiq Jabaali
ज़ियादा
ही
बड़ी
मुश्किल
में
हूँ
मैं
अभी
भी
यार
उसके
दिल
में
हूँ
मैं
- Daqiiq Jabaali
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एक
ही
नदी
के
हैं
ये
दो
किनारे
दोस्तो
दोस्ताना
ज़िंदगी
से
मौत
से
यारी
रखो
Rahat Indori
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दिल
की
तमन्ना
थी
मस्ती
में
मंज़िल
से
भी
दूर
निकलते
अपना
भी
कोई
साथी
होता
हम
भी
बहकते
चलते
चलते
Majrooh Sultanpuri
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बंद
कमरे
में
हज़ारों
मील
अब
चलते
हैं
हम
काफ़ी
महँगी
पड़
रही
है
शा'इरी
से
दोस्ती
Ashraf Jahangeer
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मुझ
सेे
पहले
कोई
रंग
लगाए
उनको
कैसे
सह
लें
यार
भला
ये
होली
में
हम
Priya Dixit
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अब
उस
सेे
दोस्ती
है
जिस
सेे
कल
मुहब्बत
थी
अब
इस
सेे
ज़्यादा
बुरा
वक़्त
कुछ
नहीं
है
दोस्त
Vishal Singh Tabish
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मुझको
ये
मालूम
नहीं
था
तुम
सेे
मिलने
से
पहले
दोस्त
जल्दी
आँखें
भरने
वालों
के
मन
जल्दी
भर
जाते
हैं
Vikas Rana
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मेरा
हर
दिन
तेरी
फ़ुर्क़त
में
बसर
होता
है
यार
होना
तो
नहीं
चाहिए,
पर
होता
है
Harman Dinesh
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तुझे
कौन
जानता
था
मेरी
दोस्ती
से
पहले
तेरा
हुस्न
कुछ
नहीं
था
मेरी
शा'इरी
से
पहले
Kaif Bhopali
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हमारे
दरमियाँ
जो
प्यार
से
पहले
की
यारी
थी
बिछड़
कर
अब
ये
लगता
है
वो
यारी
ज़्यादा
प्यारी
थी
बिछड़ना
उसकी
मर्ज़ी
थी,
उसे
उतरन
न
कहना
तुम
वो
अब
उतनी
ही
उसकी
है
वो
तब
जितनी
तुम्हारी
थी
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Alankrat Srivastava
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भले
ही
प्यार
हो
या
हिज्र
हो
या
फिर
सियासत
हो
कुछ
ऐसे
दोस्त
थे
हर
बात
पर
अश'आर
कहते
थे
Siddharth Saaz
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कौन
कहता
है
ये
तुझ
से
बात
घंटो
तक
किया
कर
पल
दो
पल
ही
कर
मगर
ऐ
जान
तू
कर
तो
लिया
कर
Daqiiq Jabaali
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मैं
प्यासा
घट
पनघट
का
हूँ
जीवन
भर
दर-दर
भटका
हूँ
तारा
हूँ,
कुछ
की
आँखों
का
कुछ
की
आँखों
में
खटका
हूँ
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Daqiiq Jabaali
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दिया
दिलासा
हमने
अपने
दिल
को
बोलकर
ये
बात
हुआ
जो
कुछ
हमारे
साथ
में,
वो
इक
मज़ाक
था
Daqiiq Jabaali
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तुम
कभी
कितना
ज़ियादा
ध्यान
रखते
थे
हमारा
तुमको
ही
फ़ुर्सत
नहीं
अब
हाल
तक
को
पूछने
की
Daqiiq Jabaali
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एक
तरफ़ा
किया
है
इश्क़
अमित
तुम
ने
तो
सो
उसे
बे-वफ़ा
कहकर
के
बुलाएँ
कैसे
Daqiiq Jabaali
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