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Daqiiq Jabaali
ye shayari tab tak hi achchhii thii amit
ye shayari tab tak hi achchhii thii amit | ये शा'इरी तब तक ही अच्छी थी अमित
- Daqiiq Jabaali
ये
शा'इरी
तब
तक
ही
अच्छी
थी
अमित
जब
पास
में
तेरे
वो
लड़की
थी
अमित
वो
पास
थी
मेरे
तो
ख़ुश
था
मैं
बहुत
वो
जब
नहीं
थी
तो
उदासी
थी
अमित
- Daqiiq Jabaali
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अज़ल
से
ले
कर
के
आज
तक
मैं
कभी
भी
तन्हा
नहीं
रहा
हूँ
कभी
थे
तुम
तो,
कभी
थी
दुनिया,
कभी
ये
ग़ज़लें,
कभी
उदासी
Ankit Maurya
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उसे
बेचैन
कर
जाऊँगा
मैं
भी
ख़मोशी
से
गुज़र
जाऊँगा
मैं
भी
Ameer Qazalbash
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तो
देख
लेना
हमारे
बच्चों
के
बाल
जल्दी
सफ़ेद
होंगे
हमारी
छोड़ी
हुई
उदासी
से
सात
नस्लें
उदास
होंगी
Danish Naqvi
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कहा
जो
कृष्ण
ने
गीता
में
रक्खेगा
अगर
तू
याद
भले
जितना
घना
जंगल
हो
पर
तू
खो
नहीं
सकता
Amaan Pathan
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ख़मोशी
तो
यही
बतला
रही
है
उदासी
रास
मुझको
आ
रही
है
मुझे
जिन
ग़लतियों
से
सीखना
था
वही
फिर
ज़िंदगी
दोहरा
रही
है
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Vishal Singh Tabish
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जिसने
बेचैनियाँ
दी
हैं
मुझे
बेचैन
रहे
मैंने
रो-रो
के
ख़ुदास
ये
दु'आ
माँगी
है
Shajar Abbas
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ज़िंदगी
भर
वो
उदासी
के
लिए
काफ़ी
है
एक
तस्वीर
जो
हँसते
हुए
खिंचवाई
थी
Yasir Khan
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उदासी
इक
समुंदर
है
कि
जिसकी
तह
नहीं
है
मैं
नीचे
और
नीचे
और
नीचे
जा
रहा
हूँ
Charagh Sharma
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शबो
रोज़
की
चाकरी
ज़िन्दगी
की
मुयस्सर
हुईं
रोटियाँ
दो
घड़ी
की
नहीं
काम
आएँ
जो
इक
दिन
मशीनें
ज़रूरत
बने
आदमी
आदमी
की
कि
कल
शाम
फ़ुरसत
में
आई
उदासी
बता
दी
मुझे
क़ीमतें
हर
ख़ुशी
की
किया
क्या
अमन
जी
ने
बाइस
बरस
में
कभी
जी
लिया
तो
कभी
ख़ुद-कुशी
की
ग़मों
को
ठिकाने
लगाते
लगाते
घड़ी
आ
गई
आदमी
के
ग़मी
की
ये
सारी
तपस्या
का
कारण
यही
है
मिसालें
बनें
तो
बनें
सादगी
की
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Aman G Mishra
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कोहरा
तो
इस
उदासी
का
घना
है
और
सबका
दिल
भी
पत्थर
का
बना
है
रोने
से
मन
हल्का
होता
होगा
लेकिन
मैं
तो
लड़का
हूँ,
मुझे
रोना
मना
है
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Daqiiq Jabaali
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बीते
लम्हों
के
साथ
बैठा
हूँ
तेरी
यादों
के
साथ
बैठा
हूँ
चाय
गाने
किताब
तन्हाई
अपने
यारों
के
साथ
बैठा
हूँ
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Daqiiq Jabaali
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ये
मेरे
दुख
को
समझने
का
जो
दावा
करते
हैं
झूठे
हैं
सारे
के
सारे
सब
दिखावा
करते
हैं
Daqiiq Jabaali
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शिकायत
पर
शिकायत
कर
रहे
हो
तुम
तुम्हें
मुझ
सेे
मुहब्बत
हो
गई
है
क्या
Daqiiq Jabaali
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मुक़द्दर
में
मुहब्बत
है
नहीं
मेरे
ये
ग़ज़लें
शा'इरी
नज़्में
दिखावा
हैं
Daqiiq Jabaali
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इश्क़
करके
तुम
अगर
शायर
नहीं
बन
पाए
तो
फिर
तुम्हारा
इश्क़
सच्चा
ही
नहीं
है
प्यारे
याँ
Daqiiq Jabaali
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