hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Daqiiq Jabaali
vo to kali se ban gaii hai ab amit gulaab
vo to kali se ban gaii hai ab amit gulaab | वो तो कली से बन गई है अब 'अमित' गुलाब
- Daqiiq Jabaali
वो
तो
कली
से
बन
गई
है
अब
'अमित'
गुलाब
अब
तितलियाँ
भी
बैठती
हैं
उसके
गाल
में
- Daqiiq Jabaali
Download Sher Image
मदमस्त
महकते
फूलों
को
इन
कलियों
को
चूमा
जाए
इक
ख़्वाहिश
मेरी
यह
भी
है
तेरी
गलियों
में
घूमा
जाए
Akash Rajpoot
Send
Download Image
4 Likes
काँटों
में
घिरे
फूल
को
चूम
आएगी
लेकिन
तितली
के
परों
को
कभी
छिलते
नहीं
देखा
Parveen Shakir
Send
Download Image
38 Likes
फिर
नज़र
में
फूल
महके
दिल
में
फिर
शमएँ
जलीं
फिर
तसव्वुर
ने
लिया
उस
बज़्म
में
जाने
का
नाम
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
33 Likes
फोन
भी
आया
तो
शिकवे
के
लिए
फूल
भी
भेजा
तो
मुरझाया
हुआ
रास्ते
की
मुश्किलें
तो
जान
लूँ
आता
होगा
उसका
ठुकराया
हुआ
Read Full
Balmohan Pandey
Send
Download Image
78 Likes
अरे
सय्याद
हमीं
गुल
हैं
हमीं
बुलबुल
हैं
तू
ने
कुछ
आह
सुना
भी
नहीं
देखा
भी
नहीं
Firaq Gorakhpuri
Send
Download Image
34 Likes
वो
मिरी
बाहों
में
बे-फ़िक्र
मुलव्विस
हुई
है
कब्र
पे
हार
कोई
फूलों
का
रक्खा
हुआ
है
Raj
Send
Download Image
3 Likes
पत्ता
पत्ता
बूटा
बूटा
हाल
हमारा
जाने
है
जाने
न
जाने
गुल
ही
न
जाने
बाग़
तो
सारा
जाने
है
Meer Taqi Meer
Send
Download Image
57 Likes
तसव्वुर
तजरबा
तेवर
तमन्ना
और
तन्हाई
मिलेंगे
फूल
सब
इस
में
ग़ज़ल
गुलदान
है
यारों
पढ़ाई
नौकरी
शादी
फिर
उसके
बाद
दो
बच्चे
हमारी
ज़िन्दगी
इतनी
कहाँ
आसान
है
यारों
Read Full
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
41 Likes
इक
कली
की
पलकों
पर
सर्द
धूप
ठहरी
थी
इश्क़
का
महीना
था
हुस्न
की
दुपहरी
थी
ख़्वाब
याद
आते
हैं
और
फिर
डराते
हैं
जागना
बताता
है
नींद
कितनी
गहरी
थी
Read Full
Vikram Gaur Vairagi
Send
Download Image
64 Likes
सुलग
रहे
थे
शजर
दिल
तमाम
भँवरों
के
दिल
अपना
वार
रहा
था
कोई
रुख़-ए-गुल
पर
बहुत
मलाल
हुआ
देखकर
गुलिस्ताँ
में
तमाचा
मार
रहा
था
कोई
रुख़-ए-गुल
पर
Read Full
Shajar Abbas
Send
Download Image
2 Likes
Read More
बात
ज़्यादा
किसी
से
मैं
करता
नहीं
मेरे
अंदर
यही
इक
कमी
रह
गई
Daqiiq Jabaali
Send
Download Image
0 Likes
तुम
लोगों
के
ख़ातिर
वो
इक
लड़की
हो
सकती
है
मेरे
लिए
तो
पूरी
दुनिया
है
वो
इक
लड़की
Daqiiq Jabaali
Send
Download Image
1 Like
तुमने
'अमित'
परियों
को
देखा
है
कभी
परियों
के
जैसे
ही
वो
दिखती
थी
अमित
Daqiiq Jabaali
Send
Download Image
0 Likes
उसने
पूछा
कि
सब
ठीक
तो
है
‘अमित’
मेरे
चेहरे
पे
झूठी
हँसी
रह
गई
Daqiiq Jabaali
Send
Download Image
1 Like
कोई
मेरे
जैसा
यहाँ
पागल
नहीं
प्यारे
बस
एक
तू
ही
इश्क़
में
घाइल
नहीं
प्यारे
मैं
ने
हज़ारो
बार
इक
ही
बात
बोली
है
ग़ुस्सा
किसी
भी
मस'अले
का
हल
नहीं
प्यारे
Read Full
Daqiiq Jabaali
Send
Download Image
1 Like
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Dipawali Shayari
Hijrat Shayari
Khushi Shayari
Gaon Shayari
Chai Shayari