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Daqiiq Jabaali
tum kya jaano shayar kitna gham sahta hai
tum kya jaano shayar kitna gham sahta hai | तुम क्या जानो शायर कितना ग़म सहता है
- Daqiiq Jabaali
तुम
क्या
जानो
शायर
कितना
ग़म
सहता
है
तब
जा
कर
के
दो
मिसरों
में
कुछ
कहता
है
दुनिया
भर
में
ढूँढा
मैंने
तब
ये
जाना
तूँ
तो
मेरे
दिल
के
भीतर
ही
रहता
है
वो
तो
झूठा
है
जो
रोता
है
महफ़िल
में
सच्चा
आँसू
तो
तन्हाई
में
बहता
है
- Daqiiq Jabaali
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शबो
रोज़
की
चाकरी
ज़िन्दगी
की
मुयस्सर
हुईं
रोटियाँ
दो
घड़ी
की
नहीं
काम
आएँ
जो
इक
दिन
मशीनें
ज़रूरत
बने
आदमी
आदमी
की
कि
कल
शाम
फ़ुरसत
में
आई
उदासी
बता
दी
मुझे
क़ीमतें
हर
ख़ुशी
की
किया
क्या
अमन
जी
ने
बाइस
बरस
में
कभी
जी
लिया
तो
कभी
ख़ुद-कुशी
की
ग़मों
को
ठिकाने
लगाते
लगाते
घड़ी
आ
गई
आदमी
के
ग़मी
की
ये
सारी
तपस्या
का
कारण
यही
है
मिसालें
बनें
तो
बनें
सादगी
की
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Aman G Mishra
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महफ़िल
में
तेरी
यूँँ
ही
रहे
जश्न-ए-चरागाँ
आँखों
में
ही
ये
रात
गुज़र
जाए
तो
अच्छा
Sahir Ludhianvi
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ये
ज़िंदगी
भी
अजब
कारोबार
है
कि
मुझे
ख़ुशी
है
पाने
की
कोई
न
रंज
खोने
का
Javed Akhtar
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सब
का
ख़ुशी
से
फ़ासला
एक
क़दम
है
हर
घर
में
बस
एक
ही
कमरा
कम
है
Javed Akhtar
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ग़म
और
ख़ुशी
में
फ़र्क़
न
महसूस
हो
जहाँ
मैं
दिल
को
उस
मक़ाम
पे
लाता
चला
गया
Sahir Ludhianvi
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जब
भी
माँगूँ
तेरी
ख़ुशी
माँगूँ
और
दुआएँ
ख़ुदा
तलक
जाएँ
ख़्वाब
आएँ
तो
नींद
यूँँ
महके
आँख
से
ख़ुशबुएँ
छलक
जाएँ
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Ritesh Rajwada
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हर
ख़ुशी
मुस्कुरा
के
कहती
है
दर्द
बनकर
छुपे
हुए
हो
तुम
आज
आब-ओ-हवा
में
ख़ुश्बू
है
लग
रहा
है
घुले
हुए
हो
तुम
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Ritesh Rajwada
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हो
न
हो
एक
ही
तस्वीर
के
दो
पहलू
हैं
रक़्स
करता
हुआ
तू
आग
में
जलता
हुआ
मैं
Shahid Zaki
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उसने
महफ़िल
से
उठाया
हमको
जिसको
पलकों
पे
बिठाया
हमने
Vishal Bagh
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ख़ुशी
में
भी
ख़ुशी
होती
नहीं
अब
तेरा
ग़म
ही
सतह
पर
तैरता
है
Umesh Maurya
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ग़ौर
करने
वाली
यारों
बात
तो
अब
बस
यही
है
मैं
तो
उसका
हो
चुका
हूँ
वो
मेरा
होता
नहीं
है
Daqiiq Jabaali
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देर
तक
फिर
मैं
सुकूँ
की
नींद
सोता
काश
तुमने
हाथ
मेरा
थामा
होता
मैं
तुझे
फिर
अपनी
ग़ज़लों
में
पिरोता
काश
तुझको
बस
अमित
से
इश्क़
होता
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Daqiiq Jabaali
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ज़िंदगी
चार
दिन
की
है
तो
फिर
अब
तलक
क्यूँ
नहीं
मरे
हम
लोग
Daqiiq Jabaali
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इस
उदासी
से
सन
गए
हम
लोग
और
पत्थर
के
बन
गए
हम
लोग
Daqiiq Jabaali
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ये
ज़िन्दगी
कुछ
इस
तरह
से
पास
मेरे
आई
है
अब
तो
अमित
केवल
यहाँ
तन्हाई
ही
तन्हाई
है
Daqiiq Jabaali
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